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मेहंदी डोरी के साथ सालाना उर्स का आगाज

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रुड़की/पिरान कलियर। साबिर पाक के 751वें सालाना उर्स की अहम रस्म मेहंदी डोरी के बाद नमाज ईशा अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में जायरीनों ने हिस्सा लिया। मेहंदी डोरी की रस्म के बाद उर्स का भी आगाज हो गया।
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मंगलवार की रात 9.30 बजे सज्जादा नशीन शाह मंसूर एजाज साबरी, नायब सज्जादा नशीन शाह अली मंजर एजाज साबरी और उनके मुरीदीन (अनुयायी) कलियर गांव अपने कदीमी (पुराने) घर पहुंचते हैं। इसके बाद मेहंदी, डोरी की थाल, संदल और प्रसाद लेकर सूफियाना कव्वालियों के साथ दरगाह साबिर पाक पहुंचे। वहीं दरगाह साबिर पाक में मेहंदी डोरी और संदल पेश किया गया। साथ ही शाह अली मंजर एजाज साबरी ने जायरीनों को मेहंदी डोरी प्रसाद के तौर पर बांटी। इसके बाद दरगाह परिसर में कुल शरीफ व दुआ, मन्नतें मांगीं। मेहंदी डोरी की रस्म में कव्वालों ने अपने अपने कलाम पेश किए। इस मौके पर सज्जादा नशीन परिवार की ओर से शाह कासिफ एजाज, शाह खालिक मियां, शाह यावर अली, शाह गाजी, नैय्यर अजीम फरीदी, शाह गाजी, राजी मियां, मुनव्वर अली साबरी, सूफी राशिद साबरी, असद मियां, सूफी इसरार साबरी, सफीक साबरी, डॉ. इनाम साबिर, नोमी मियां, शाह सुहेल व समद साबरी आदि अकीदतमंद मौजूद रहे।
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जायरीनों की उमड़ी रही भारी भीड़
मजार शरीफ में मेहंदी डोरी पेश करते समय जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। काफी मशक्कत के बाद करीब 100 जायरीन ही साबिर पाक की दरगाह के अंदर जा सके। मेहंदी डोरी की रस्म के दौरान जायरीनों की भीड़ को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात रहा। कई पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भी ड्यूटी पर तैनात रहे।
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यह है उर्स की मुख्य रस्म
-- 29 अक्तूबर को मेहंदी डोरी की रस्म के साथ उर्स का आगाज
-- 9 नवंबर को छोटी रोशनी
-- 10 नवंबर को बड़ी रोशनी
-- 11 नवंबर को कुल शरीफ
-- 12 नवंबर को ग़ुस्ल शरीफ
-- 13 नवंबर को नातिया मुशायरा
--14 नवंबर को दरगाह शरीफ में दुआ के साथ उर्स संपन्न
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