शेरपुर बेला गांव से 20 दिन पहले लापता हुए युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने दोनों राज्यों के पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने की मांग की।
गांव निवासी लाल सिंह के पुत्र प्रमोद सैनी 16 जून को घर से हरियाणा के एक किसान की ओर से बिजनौर के मंडावर क्षेत्र में ली गई कृषि भूमि की देखरेख के लिए निकले थे लेकिन वह नहीं लौटे। उनके भाई विनोद कुमार ने मंडावर थाने में हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। इस पर 19 जून को गुमशुदगी दर्ज की गई। परिजनों का आरोप है कि 27 जून को उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर वन विभाग की भूमि में मिले नर कंकाल की पहचान उन्होंने कपड़ों और दांतों के आधार पर प्रमोद सैनी के रूप में की।
इसके बावजूद पुलिस ने अब तक डीएनए परीक्षण नहीं कराया है। इससे परिजन अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर तानाशाही रवैया अपनाने और मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। प्रदर्शन करने वाले लोगों ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लक्सर के सीओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि जंगल से बरामद हड्डियों और अन्य अवशेषों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे एक ही व्यक्ति के हैं या नहीं। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई उसी थाने से होगी जहां से अपराध की शुरुआत हुई है।