दिल्ली देहरादून हाईवे पर करोड़ों खर्च किए जाने के बाद भी निर्माण एजेंसी जल निकासी के इंतजाम करना भूल गई। भगवानपुर के समीप जल निकासी नहीं होने के कारण भरे पानी में वाहन पलटने और ग्रामीण और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल होने पर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया तो अधिकारियों ने सुध ली। तहसील, नगर निगम और एनएच के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी निकालने के अस्थायी इंतजाम शुरू किए, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की जिद पर अड़े हैं। ऐसा नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कई कस्बों के समीप जल निकासी के लिए स्थायी समाधान नहीं किए गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पुहाना और किशनपुर जमालपुर के समीप हो रही है। इस मार्ग पर बनाया गया नाला चोक है। यहां भी नाले के पानी की निकासी का रास्ता नहीं है। इसके चलते आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों की आवाजाही एक तरह से ठप हो गई है। लोग पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। खतरे की बात यह है कि इस जलभराव में न गड्ढे दिखाई दे रहे हैं और न ही टूटी सड़क। इसके चलते हर रोज वाहन गिर रहे हैं और लोग घायल हो रहे हैं। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क एक तरह से टूट चुका है। हाईवे के दूसरी तरफ पुहाना सर्विस रोड पर भी इसी तरह जलभराव है। इसके चलते किशनपुर से पुहाना जाने का कोई सुरक्षित रास्ता ही नहीं बचा है। इसे लेकर ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। साथ ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह से शिकायत की। इस पर तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ, नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार और एनएच के अधिकारी जेसीबी और पंपिंग सेट लेकर मौके पर पहुंचे और पानी निकालने का काम शुरू कराया, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की जिद पर अड़े रहे। इस पर तहसीलदार ने शुक्रवार से नाले की सफाई और निकासी का स्थायी समाधान का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया।
नाले की खोदाई करो तो स्टे दिखाकर काम रोक देते हैं
तहसीलदार को एक एनएच के कर्मचारी ने बताया कि पहले भी नाले की खोदाई के लिए काम शुरू किया गया था, लेकिन एक व्यक्ति ने स्टे दिखाकर काम रुकवा दिया। बाद में अधिकारियों ने भी काम करने से मना कर दिया। इस पर तहसीलदार ने फिर से काम शुरू करने के निर्देश दिए।
पानी निकालने से नहीं चलेगा काम, निकासी के करने होंगे इंतजाम
किशनपुर से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे जाकर नाला खत्म हो जाता है। यहां से नाले की निकासी का भी कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में केवल पंपिंग सेट से पानी निकालकर स्थायी समाधान नहीं होगा। यह बात ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताई। इस पर निकासी के लिए स्थायी प्रबंध करने का भरोसा दिलाया गया।
12 से देंगे अनिश्चितकालीन धरना
धरना दे रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे 12 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। इस मौके पर मोहम्मद तहसीन, दिलशाद, जुल्फान, जान आलम, दिनेश, वेदपाल, उमेश, युसूफ, प्रवेश, राहुल, रामकुमार, ऋषिपाल और तासीफ आदि मौजूद रहे।