जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भगवानपुर तहसील और विकासखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विकासखंड कार्यालय में ई-ऑफिस की जानकारी न देने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और लेखाकार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जो भी कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहा है उसे नोटिस जारी किया जाए। अधिकारी व कर्मचारी बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी सबसे पहले तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति की जानकारी ली। निर्देश दिए कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराई जाए और इसका लगातार प्रिंट निकाला जाए।
इसके साथ ही बार-बार देरी से कार्यालय आने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। डीएम ने कहा कि तहसील कार्यालय में आने वाले लोगों का काम और समस्याओं को समय पर निपटाया जाए। आमजन को बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए कि न्यायालय में तीन साल से अधिक समय और अन्य लंबित मामलों का निस्तारण किया जाए। इसके साथ ही मानसून को देखते हुए ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति देखकर जल निकासी एवं प्रबंधन किया जाए।
उन्होंने मनरेगा के तहत चल रहे कामों का भी समय से भुगतान करते हुए पारदर्शिता से काम कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भी पत्रावलियां तैयार की जा रही हैं वह ई-ऑफिस के माध्यम से तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर पड़े कूड़े का निस्तारण किया जाए।
सड़क किनारे से हटवाया जाए अतिक्रमण
जिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और तहसीलदार भगवानपुर को निर्देश दिए कि क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर क्षेत्र में सड़क किनारे अतिक्रमण को चिह्नित कर हटाया जाए। वहीं पॉलिथीप का प्रयोग करने वाले दुकानदारों के चालान किए जाएं।