नगर पालिका प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। पालिका ने नियमों को ताक पर रखकर पहले तालाब की भूमि पर सड़क का निर्माण कर दिया और जब शिकायत हुई तो उसे उखाड़ना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया में पालिका को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। आरोप है कि यह सड़क किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी।
पालिका प्रशासन ने बिना किसी ठोस योजना और भूमि की जांच किए एक स्थान पर माह अक्तूबर में सड़क का निर्माण करा दिया था। स्थानीय भाजपा नेता व पालिकाध्यक्ष के चाचा ने इस निर्माण पर आपत्ति जताते हुए मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। शिकायत के बाद जब संबंधित भूमि की पैमाइश और जांच कराई गई तो स्पष्ट हुआ कि सड़क तालाब की भूमि पर बनाई गई थी।
मामला तूल पकड़ने और जांच में गड़बड़ी साबित होने के बाद पालिका प्रशासन बैकफुट पर आ गया। आनन-फानन पालिका ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया और सड़क को तत्काल प्रभाव से खोदवाकर हटाने के निर्देश दिए। अब सड़क उखाड़े जाने के बाद मौके पर फिर से गड्ढे हो गए हैं। स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सड़क सरकारी धन का दुरुपयोग करके केवल एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी। इस पूरे प्रकरण में न केवल पालिका के अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है बल्कि जनता के टैक्स का पैसा भी बर्बाद हुआ है।
मामला संज्ञान में आने के बाद सड़क निर्माण की जांच कराई गई थी जिसमें भूमि तालाब की निकली। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ठेकेदार को सड़क हटाने के निर्देश दिए गए थे। लापरवाही के बिंदुओं की जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - उत्तम सिंह नेगी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मंगलौर