मतदाता सूची के सत्यापन में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मंगलौर के बंदरटोल मोहल्ले में एक सरकारी कर्मचारी को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब उसी व्यक्ति को गवाह बनाकर उसके भाई को भी मृत दर्शाते हुए वोटर लिस्ट से नाम हटाने की सिफारिश कर दी गई।
नगर पालिका के कर्मचारी इस्तखार उर्फ छोटू ने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्हें नगर पालिका में जो एएसडी सूची सौंपी गई जिसमें गड़बड़ियां थीं। बीएलए इश्तियाक अब्बासी ने जब सूची जांची तो पाया कि इस्तखार को मृत दिखाकर उनका नाम हटाने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सूची में गड़बड़ी यहीं नहीं रुकी। इस्तखार को आवेदक के तौर पर दिखाकर उनके भाई मोहम्मद इसरार को भी मृत बताकर उनका नाम मतदाता सूची से हटाने की संस्तुति कर दी गई। इस मामले के सामने आने के बाद मतदाता सूची के सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने कहा कि मामला अब उनके संज्ञान में नहीं है लेकिन अगर गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।