खेतों में लहरा रही सरसों, गेहूं समेत अन्य फसलों, सब्जियों और आम-लीची के बगीचों के लिए रविवार की बारिश वरदान साबित होगी। इससे न सिर्फ पाले का प्रकोप दूर हो जाएगा बल्कि वातावरण की नाइट्रोजन बारिश के साथ जमीन में पहुंचने का लाभ भी फसलों को मिलेगा। इस बारिश से सरसों में लगा माहू, येलो रेस्ट और आलू में लगे झुलसा रोग में भी कमी आएगी। साथ ही सिंचाई से भी छुटकारा मिलेगा।
इस समय जनपद के किसानों ने खेतों में गेहूं, सरसों, आलू, मटर, अलसी और सब्जियों साथ गन्ने की फसल उगाई है। पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और पाले से फसल प्रभावित हो रही थी। इसी बीच शनिवार रात में अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादल छा गए। रविवार सुबह तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे गेहूं की फसल को खासा फायदा पहुंचा है। किसान खेतों की सिंचाई करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है। लक्सर के किसान शिव कुमार गर्ग, सुल्तानपुर के किसान रजत शर्मा का कहना है कि बारिश गेहूं, सरसों और सब्जियों के लिए संजीवनी का काम करेगी। सैदाबाद के किसान उमेश चौधरी और न्यामतपुर के किसान नीरज कुमार का कहना है कि अभी तक हुई बारिश तो फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। यदि बारिश और हुई तो सरसों और सब्जियों की फसल के लिए नुकसानदायक है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लीची और आम के बागों की धुलाई होने से आने वाले समय में अच्छे बौर निकलने की संभावना भी बढ़ गई है।
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रविवार को हुई बारिश फसलों के लिए रामबाण की तरह काम करेगी। इससे वायु मंडल में व्याप्त नाइट्रोजन बारिश में घुलकर जमीन पर आ गई है, जो फसलों के लिए वरदान साबित होगी, लेकिन यदि बारिश अधिक हुई तो जमीनों की निचली परत में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। अभी तक हुई बारिश से फसल को फायदा ही होगा।
-विकेश कुमार यादव, मुख्य कृषि अधिकारी हरिद्वार
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इस समय हुई बारिश फसलों के लिए बेहद गुणकारी है। इससे फसलों में लगे कई प्रकार के कीटों से राहत मिलेगी। यह बारिश लीची और आम के बागों में के अलावा सब्जियों के लिए भी लाभकारी है। सरसों में लगे माहू, येलोरस्ट आलू का झुलसा रोग भी कम होगा।
-पुरुषोत्तम कुमार, कृषि वैज्ञानिक केंद्र धनौरी
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जनपद में प्रमुख फसलों का रकबा
फसल-हेक्टेयर
गेहूं-44000 हेक्टेयर
सरसों-1200 हेक्टेयर
सब्जियां-1700 हेक्टेयर
गन्ना-54000 हेक्टेयर