भिक्कमपुर गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मत्स्य पालन के लिए तैयार किए गए तालाब में मछली पकड़ते समय जाल में मगरमच्छ का बच्चा फंस गया। मछलियों के साथ मगरमच्छ को जाल में फंसा देखकर मछली पकड़ रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह जाल को पानी से बाहर निकाला और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
खानपुर ब्रह्मपुर गांव निवासी नाथीराम कश्यप ने भिक्कमपुर गांव स्थित तालाब में मत्स्य पालन कर रखा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को तालाब में मछली पकड़ने के लिए मछुआरों की ओर से तालाब में जाल डाला गया था। जाल बाहर खींचने पर उसमें मछलियों के साथ मगरमच्छ का बच्चा भी फंसा मिला। मगरमच्छ को देखते ही मछली पकड़ने वाले लोग घबरा गए।
उन्होंने सावधानी बरतते हुए जाल को पानी से बाहर निकाला और तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन आरक्षी सुमित सैनी और उपनलकर्मी भोपाल सिंह ने मगरमच्छ के बच्चे को सुरक्षित कब्जे में लिया। वनकर्मियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नीलधारा गंगा में छोड़ दिया।
मगरमच्छ को सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन क्षेत्र अधिकारी लक्सर महेंद्र गिरी ने बताया कि तालाब में मछली पकड़ते समय जाल में मगरमच्छ के फंसने की सूचना मिली थी। वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बाद में उसे नीलधारा गंगा में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जलाशयों में मगरमच्छ या वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें पकड़ने या नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।