रुड़की। बिना एनओसी लिए शुरू किए गए वकील के चैंबर का निर्माण कार्य ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने रुकवा दिया। इससे नाराज वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद रुड़की एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के नेतृत्व में वकीलों ने जेएम मुलाकात की और निर्माण कार्य शुरू कराने को लेकर जेएम को एक प्रार्थना पत्र भी सौंपा। वहीं, दूसरी ओर तहसील प्रशासन बिना एनओसी लिए निर्माण कार्य शुरू करने के संबंध में नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने एक मार्च को सभी अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया था कि किसी भी चैंबर के निर्माण से पूर्व तहसील प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। मंगलवार को तहसील में बिना एनओसी के चैंबर नंबर 34 पर निर्माण शुरू कर दिया गया। जेएम ने जानकारी मिलने पर चैंबर का निर्माण रुकवा दिया। इसके बाद रुड़की एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विपुल वालिया, सचिव अनीश चौधरी, चैंबर स्वामी नीरज चौहान व शेर सिंह राणा, अरविंद गौतम, नवीन जैन, नवीन शर्मा व रवि प्रकाश आदि जेएम कार्यालय पहुंचे। जेएम ने निर्माण की अनुमति नहीं दी। कुछ देर बाद जेएम ने फिर से एसोसिएशन के अध्यक्ष को बुलाकर करीब पांच फीट का रास्ता छोड़कर निर्माण की बात कही। लेकिन, इस पर भी सहमति नहीं बन सकी।
वकीलों ने जेएम को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि चैंबर का टीन शेड पुराना हो गई है, जिसमें इलेक्ट्रानिक उपकरण और दस्तावेज भी सुरक्षित नहीं है। इसलिए निर्माण कार्य जरूरी हो गया है। उधर, जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि परिसर में कैंटीन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए अधिक चौड़े रास्ते की जरूरत होगी। ऐसे में रास्ते के लिए जगह छोड़ने के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर तहसील प्रशासन बिना एनओसी लिए निर्माण कार्य शुरू किए जाने के बाबत नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है।