शीलकुंज निवासी एवं आईआईटी कर्मचारी आनंद कुमार ने बताया कि उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक में हैं। चार अप्रैल शाम चार बजे उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। जिसमें एटीएम से 10 हजार रुपये निकलने का मैसेज था। बैंक में जाकर पता किया तो एटीएम के माध्यम से यह रुपये निकाले गए हैं। पीड़ित आईआईटी कर्मचारी आनंद कुमार कोतवाली रुड़की में तहरीर दी है।
ढंडेरा अशोक नगर निवासी पूर्व सैन्यकर्मी अजयवीर ने बताया कि उसके खाते से 17000 रुपये निकले हैं। पूर्व सैन्यकर्मी ने बताया कि उनका एटीएम उनके पास है। उन्होंने होली के समय पर रुपये निकलवाए थे। उसके बाद से कोई रुपया नहीं निकाला है। शुक्रवार को वह एटीएम पर गया तो उसके खाते में कोई रुपया नहंीं था। बैंक जाकर पता किया तो उनके खाते से 14 मार्च को एटीएम से रुपये निकाले गए हैं।
पुरानी तहसील निवासी राहुल कुमार ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसका दवाइयों का काम है। उसने सहारनपुर में दो दिन पहले एटीएम से 20 हजार रुपये निकाले थे। उसका एटीएम उसके पास ही है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे उसके पास एकाएक चार मैसेज आए। जिसमें 10-10 हजार तीन बार और एक बार नौ हजार रुपये निकाले गए।
मोहनपुरा निवासी विजय सिंह ने कोतवाली रुड़की पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्होंने मोहनपुरा स्थित एक एटीएम से होली के समय रुपये निकाले थे। इसके बाद चार अप्रैल को रुपये निकालने गए, लेकिन उनका एकाउंट खाली था। बैंक जाकर पता किया तो बताया गया कि उन्होंने दिल्ली के एटीएम से 14 मार्च को 23 हजार रुपये निकाले हैं। जबकि विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने कोई रुपया नहंी निकाला है। उनका एटीएम भी उनके पास ही है।
साइबर ठगों ने चार खातों को हैक कर उनसे 89 हजार रुपये उड़ा दिये हैं। चारों पीड़ित उपभोक्ताओं ने मामले की तहरीर पुलिस को दी है। चारों ही मामलों में खास बात यह है कि एटीएम से उनके रुपये निकले हैं। जबकि एक एटीएम उनके पास ही हैं।
खातों से आए दिन साइबर ठगों की ओर से खातों को हैक कर रुपये निकालने की घटनाओं से लोग भयभीत है। यही वजह है लोग खातों में रुपये रखने से भी डरने लगे हैं।
पिछले तीन सप्ताह के भीतर अकेले रुड़की में 60 से अधिक लोगों के खातों को साइबर ठग खाली कर चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मामले ढंडेरा, अशोक नगर, लालकुर्ती और मोहनपुरा आदि से आए हैं। चार दिन पहले आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर के खाते से भी दो लाख रुपये की ठगी हो चुकी है। हालांकि यह ठगी क्रेडिट कार्ड से हुई है और अमेरिका में इससे शॉपिंग की गई। पुलिस भी इन मामलों में कुछ नहीं कर पा रही है। पुलिस बस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर रही है या फिर तहरीर रिसीव कर उसे साइबर सेल को भेज रही है। हालांकि अब तक साइबर ठगों पर लगाम लगाने को कोई ठोस कदम पुलिस की ओर से नहीं उठाया गया है।