रुड़की। डीएम की बैठक में किसानों ने शुगर मिलों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान बाहरी गन्ने की खरीद और बकाए भुगतान का मुद्दा छाया रहा। डीएम दीपक रावत ने इकबालपुर शुगर मिल को 15 जनवरी तक विगत सत्र का भुगतान न करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। साथ ही जिले की तीनों मिलों द्वारा खरीदे बाहरी गन्ने की जांच गन्ना विभाग को सौंपी। अन्य मिलों को भी नियमानुसार भुगतान करने को चेताया।
शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपक रावत ने तहसील में किसानों, शुगर मिल के अधिकारियों और किसानों की बैठक ली। इसमें लिब्बरहेड़ी शुगर मिल से जुड़े किसानों ने आरोप लगाया कि मिल लगातार बाहरी गन्ना खरीद रही है। जिसके चलते स्थानीय किसानों का गन्ना अब तक नहीं बिक पा रहा है। अधिकतर किसानों को गन्ना तो अब तक भी खेतों में खड़ा है। जबकि गेंहू बुआई का समय निकलता जा रहा है। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि अब तक मिल करीब सात लाख क्विंटल बाहरी गन्ना खरीद चुकी है। उधर, मिल अधिकारी डेढ़ लाख क्विंटल बाहरी गन्ना खरीदने की बात कहते रहे। अन्य मिलों में भी आ रहे बाहरी गन्ने को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। डीएम ने गन्ना विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए की वह प्रत्येक मिल में जाकर चीनी के अनुसार जांच करें कि किस मिल ने कितना बाहरी गन्ना खरीदा है। उन्होंने इकबालपुर मिल को 15 जनवरी तक विगत सत्र का भुगतान जारी करने के आदेश दिए। साथ ही अन्य मिलों को नियमानुसार इस वर्ष का भुगतान जारी करने की बात कही। इस दौरान मिल अधिकारियों और किसानों में जमकर तू तू-मैं मैं होती रही।
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल, तहसीलदार मंजीत सिंह, एसडीएम प्रेमलाल, सहायक गन्ना आयुक्त आशीष नेगी, इकबाल समिति के सचिव जयसिंह, ज्वालापुर समिति के सचिव सचिव बीके विश्वास, जीएम केन सुरेश शर्मा, लिब्बरहेड़ी शुगर मिल के जीएम एलएन त्रिपाठी, किसान नेता गुलशन रोड, महकार सिंह, मास्टर जगमेर सिंह, भाकियू के जिलाध्यक्ष वीकेश चौधरी, राकेश लोहान, कुशलपाल सिंह, प्रवीण कुमार, गौरख सिंह, नीलू चौधरी आदि मौजूद रहे।