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धोखाधड़ी में सात के खिलाफ चार्जशीट

Thu, 17 Mar 2016 11:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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ट्रस्ट की धोखाधड़ी में रुड़की के कारोबारी व डॉक्टर सहित कुल सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। मामला शहर में एक मॉल व स्कूल चलाने वाले श्री सांई एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़ा है। आरोपियों ने रोहतक निवासी चेयरमैन के दो फर्जी त्याग पत्र बनाए थे। रुड़की में दर्ज इस मुकदमे की जांच ऋषिकेश एसओ ने की है। 
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पुलिस के मुताबिक शहर में अगस्त 2012 में श्री सांई एजुकेशनल ट्रस्ट बनाया गया था। 12 सदस्यों वाले इस ट्रस्ट में रोहतक हरियाणा के कारोबारी रामनिवास मित्तल को चेयरमैन बनाया गया। आरोप है कि ट्रस्ट में शामिल शहर के कारोबारियों व डॉक्टर ने मिलकर चार जून 2014 को चेयरमैन रामनिवास मित्तल की तरफ से दो फर्जी त्यागपत्र बनाए और सात जून को एक फर्जी बैठक दिखाकर अपने बीच से नया चेयरमैन चुन लिया और ट्रस्ट में बतौर सदस्य शामिल रामनिवास मित्तल के बेटे चंद्र विकास मित्तल को भी बाहर कर दिया।

इसकी भनक लगने पर पांच जुलाई 2014 को रामनिवास मित्तल व उनके बेटे चंद्र विकास मित्तल ने एसपी देहात से पूरे मामले की शिकायत की और आरोप लगाया कि ट्रस्ट हड़पने के लिए कूटरचना करते हुए पूरी साजिश रची गई है। 
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शुरुआती पड़ताल में मामला संदिग्ध लगने पर 28 सितंबर 2014 को सिविल लाइंस कोतवाली में ट्रस्ट के कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। तफ्तीश देहरादून जनपद ट्रांसफर होने पर तत्कालीन राजपुर एसओ व मौजूदा ऋषिकेश एसओ पंकज पोखरियाल ने जांच की।

हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से भी रिपोर्ट मंगाई गई। जिसके बाद आरोपी मनोज गोयल, ललित गोयल, आशीष गोयल, नीरज गोयल, संदीप गोयल, डा. संजय गर्ग व अरविंद गोयल के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी गई। दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया। विवेचनाधिकारी पंकज पोखरियाल ने बताया कि उन्होंने अपना काम पूरा कर लिया है। वहीं कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी गोविंद कुमार ने बताया कि विवेचनाधिकारी की ओर से सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की  गई है।

 11 महीने तक रेंगती रही जांच
सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद करीब 11 महीने तक जांच रेंगती रही। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों में एक पूर्व विधायक का रिश्तेदार शामिल है, इसलिए पुलिस दबाव में जांच को आगे नहीं बढ़ा रही है। आईजी को प्रार्थना पत्र देकर जांच रुड़की से देहरादून ट्रांसफर कराई गई। बताया गया है कि हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट में लेख अलग-अलग पाए जाने के साथ ही कथित बैठक के दौरान आरोपियों की फोन लोकेशन भी अलग अलग पाई गई है।
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