रुड़की। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के दौरे के बाद भी एडीबी के कार्यों ने गति नहीं पकड़ी। रविवार को मेयर के आवास के पास मिट्टी से पाटे गए एक गड्ढे में मीडियाकर्मी गिर गया। इसके अलावा शहर में जगह-जगह सड़कों की खुदाई के लिए लगाए गए बैरीकेडिंग से आमजन हलाकान रहे। ऐसे में साफ है कि शहरवासियों को फिलहाल मुसीबत से राहत मिलने वाली नहीं है।
शनिवार को मंत्री मदन कौशिक ने रुड़की नगर निगम में आयोजित समीक्षा बैठक में एडीबी अधिकारियों के पेच कसे थे। साथ ही खोदी गई सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द सड़कों को ठीक करने के दिशा निर्देश दिए थे, लेकिन जिस तरह से शहर में एडीबी ने खुदाई का जाल बिछाया है उस जाल से लोग महीनों बाद भी छूटते नजर नहीं आ रहे हैं। रविवार को भी लोगों ने दिनभर मुसीबतें झेली। मेयर यशपाल राणा के आवास के पास अंबर तालाब में एडीबी की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक मीडियाकर्मी की जान बाल-बाल बची। लोगों के अनुसार यहां पहुंचे मीडियाकर्मी ने कीचड़ भरी सड़क का फोटो खींचने की कोशिश की, लेकिन जैसे वह बाइक से उतरा तो मिट्टी से पाटे गए गड्ढे में नीचे धंस गया। लोगों ने भागकर किसी तरह उसे बाहर खींचा। लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा रात में होता तो जान बचनी मुश्किल थी। शहर में इसी तरह अन्य जगहों पर भी लोगों की जान जोखिम में हैं।
खुदाई से गलियों में भी जाम
स्थिति यह है कि एडीबी ने मुख्य मार्गों पर एक साथ खुदाई का काम शुरू कर दिया है। इसके चलते कई जगहों पर बैरीकेडिंग लगा दिए गए हैं। यहां पहुंचने वाले वाहन गलियों में डायवर्ट हो रहे हैं तो भारी जाम लग रहा है। यही नहीं गाड़ियां गलियों के गड्ढों में गिर रही हैं। लोग एक दूसरे से भिड़ रहे हैं। इन जगहों पर न पुलिस और प्रशासन का कोई अधिकारी लोगों की मुसीबत कम करने को कोई कदम उठा रहा है।
इन जगहों पर बनी है मुसीबत
>> केएलडीएवी रोड पर एक माह से खोदी गई सड़क।
>> नेहरू स्टेडियम से चाव मंडी तक खोदकर छोड़ी सड़क।
>> अंबर तालाब से बाजार तक खुदी सड़क और लीकेज।
>> मालवीय चौक से गणेशविहार तक एक माह से खुदी पड़ी सड़क ।
>> रामनगर में रामद्वार से ब्लॉक कार्यालय तक खोदी गई सड़क।
>> आवास विकास, पुरानी तहसील, साकेत और चंद्रपुरी में की खुदाई।