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समरसता के बिना समाज का उत्थान नहीं : प्रेमचंद

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि समरसता के बिना समाज का उत्थान संभव नहीं है। उन्होंने नेताजी की जयंती को समरसता के रूप में मनाए जाने को लेकर आयोजक और विधायक देशराज कर्णवाल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश में नेता जी बताए मार्ग पर चलकर ही देश विश्व गुरु बन सकता है।
नगर निगम सभागार में बुधवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सामाजिक समरसता उत्सव, राष्ट्री कवि सम्मेलन और पर्यावरण मित्र सम्मान समारोह हुआ। दोपहर करीब दो बजे पर्यावरण मित्रों के लिए आयोजित स्वास्थ शिविर से शुरू हुआ उत्सव रात 10 बजे तक जारी रहा। शिविर में झबरेड़ा, मंगलौर, नगर पंचायत और रुड़की नगर निगम के 110 पर्यावरण मित्रों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। इसके बाद शाम करीब चार बजे समरसता उत्सव का आयोजन हुआ। इसमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि नेताजी की जयंती पर समरसता उत्सव का आयोजन, उन्हें सबसे बड़ी श्रद्धाजंलि है। क्योंकि नेताजी ने देश की आजादी के लिए जाति और धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रीयता की भावना को बुलंद किया और देश को आजादी दिलाई। विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि पर्यावरण मित्रों ने पीएम मोदी के स्वच्छता के आंदोलन को आगे बढ़ाने में साकार योगदान दिया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आउटसोर्सिंग के तहत बहुत कम मानदेय पर काम कर रहे पर्यावरण मित्रों को स्थाई करने की मांग उठाई। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, वैजयंती माला, सुशील त्यागी, डीईओ ब्रहमपाल सिंह सैनी, एमएनए अशोक पांडेय, एसएनए चंद्रकांत भट्ट, जल सिंह, शायर अफजल मंगलौर, किसलय सैनी, नरेश कुमार, हरिप्रकाश, शिल्पा, पंकज, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने 700 पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। मेडिकल कैंप में 110 पर्यावरण मित्रों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
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बिना अवगुण के नहीं बनते नेता
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने देश की राजनीति में नेताओं की गिरती साख पर कटाक्ष किया। पहले उन्होंने कहा कि देश में यदि नेताजी के रूप में कोई नाम जाना जाता है तो वह एकमात्र नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं। जिन्होंने राष्ट्रप्रेम से अपने जीवन को देश की आजादी में न्योछावर कर दिया। उन्होंने वर्तमान राजनीति में नेताओं की गिरती साख पर बोलते हुए कहा कि समाज में नेता का मतलब गाली देना माना जाता है। वहीं, जिसमें कम से कम दस अवगुण न हो उसे नेता नहीं माना जाता। उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाने वाले युवाओं को नेता जी सुभाष चंद्र बोस से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

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