हरिद्वार जिले के 50 किसान देहरादून के राजभवन में आगामी आठ और नौ मार्च को शुरू होने वाले वसंत उत्सव में पहुंचकर फूलों की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी लेंगे। साथ ही किसान जैविक खेती के बारे में भी जान सकेंगे। किसानों को उत्सव में शामिल करने का उद्देश्य उनमें फूलों की खेती और जैविक खेती के प्रति रुझान पैदा करना है।
फूलदेई पर्व के उपलक्ष्य में आठ और नौ मार्च को राजभवन में वसंत उत्सव मनाया जाएगा। यहां दो दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए हरिद्वार जिले के 50 किसानों का चयन किया गया है। ये किसान फूलों और उनकी खेती के बारे में विस्तार से जानकारी ले सकेंगे। उद्यान अधिकारी राजेश प्रसाद जसोला ने बताया कि किसानों को उत्सव में ले जाने का उद्देश्य उन्हें फूलों की खेती के प्रति प्रेरित करना है। वर्तमान में जिले में करीब 950 हेक्टेयर में विभिन्न फूलों की खेती हो रही है। इससे किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। विभाग चाहता है कि अधिक से अधिक किसान फूलों की खेती से जुड़कर मुनाफा कमाएं।
उन्होंने बताया कि भले ही कोरोना महामारी में किसानों को फूलों की खेती में नुकसान उठाना पड़ा हो, लेकिन इस बार शादियों और चुनावी सीजन में गेंदे के फूल 100 से 120 रुपये किलो तक बिका। आने वाले समय में दोबारा शादियों का सीजन शुरू होने वाला है और पंचायत चुनाव भी आ रहे हैं। इस सीजन में किसान गेंदा उगाकर मुनाफा कमा सकते हैं। बताया कि उत्सव में किसान फूलों की खेती के संबंध में अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं को दूर करेंगे। किसानों को जैविक खेती के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
50 फीसदी छूट पर मिल रहा गेंदे का बीज
उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस समय गेंदा लगाने का सीजन शुरू होने वाला है। इसके लिए विभाग उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध करा रहा है। अभी तक किसानों को तीन हेक्टेयर के लिए निशुल्क बीज बांटा गया था। अब किसानों को 50 प्रतिशत छूट पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। बीज के साथ रसायन भी दिए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें इस्तेमाल करने की विधियों की जानकारी भी दी जा रही है।