रुड़की। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या तो काफी हैं, लेकिन सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त बैंच तक नहीं हैं। स्लीपर क्लास और अपर क्लास वेटिंग रूम एक हॉल में हैं। इसमें एसी की सुविधा नहीं है। डोर मेटरी की जगह रिटर्निंग रूम से काम चलाया जा रहा है। इसमें मात्र दो यात्रियों के रहने की जगह है।
तीन नेशनल इंस्टीट्यूट, एक सेना की यूनिट
रुड़की में नेशनल स्तर केे तीन संस्थान हैं। इन संस्थानों में आईआईटी रुड़की, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, केंद्रीय बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के साथ ही सेना की बंगाल इंजीनियर्स की यूनिट है। ऐसे में रुड़की स्टेशन पर आईआईटी से छात्रों के अलावा प्रोफेसरों का आना-जाना लगा रहता है। अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी और सेना अधिकारी-जवान भी इसी स्टेशन से आवागमन करते हैं। ऐसे में अपर क्लास वेटिंग रूम में पर्याप्त सुविधाएं न होने से इन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वाईफाई जोन के लिए प्रस्ताव भेजा
रेलवे स्टेशन पर फ्री वाईफाई सुविधा नहीं है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा का कहना है कि मुफ्त वाईफाई की सुविधा के लिए मंडलीय कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलते ही वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
क्या है मांगे
पाडली गुर्जर और ढंडेरा में बने ओवरब्रिज
पाडली गुर्जर, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुरादाबाद की ओर जाने वाली मालगाड़ी को रुड़की में रोकने पर पालड़ी गुर्जर स्थित क्रासिंग पर 2-3 घंटे जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार रेलवे और केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे, लेकिन समाधान नहीं हुआ। यही हाल ढंडेरा फाटक का है। दिन के समय गाड़ियों की अधिकता के कारण फाटक अधिकतर बंद रहता है। मंडलीय कार्यालय की ओर से ढंडेरा में ओवरब्रिज बनाने के लिए भूमि का सर्वे किया गया, मिट्टी का सैंपल लिया, लेकिन आज तक ओवरब्रिज बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
10 क्रासिंग, रात को कर्मचारी नहीं
डीआरएम मुरादाबाद एके सिंघल ने बताया कि लक्सर से बलियाखेड़ी (सहारनपुर) तक कुल 25 क्रासिंग हैं। इनमें 10 क्रासिंग पर दिन में कर्मचारी तैनात रहते हैं, जबकि रात में कोई कर्मचारी नहीं रहता।
रिटर्निंग रूम में सुविधाएं नहीं
रुड़की स्टेशन पर ठहरने के लिए बनाए गए रिटर्निंग रूम में सुविधाएं दुरुस्त नहीं है। यह कहना है कि बुधवार को रुड़की स्टेशन के रिटर्निंग रूम में पहुंचे अंबाला निवासी सुनील कुमार का। ठंड में तो जैसे-तैसे समय गुजर जाता है लेकिन, गर्मियों के बिना एसी के परेशानी होगी। रुड़की के अलावा अन्य शहरों के प्लेट फार्मों पर भी यही दिक्कत है।
कोट
स्टेशन पर यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने की कोशिश की जाती है। जहां तक यात्री सुविधाओं में इजाफे की बात है। उच्च अधिकारियों के अधिकारियों के आदेश पर सुविधाएं और बढ़ाई जाएंगी।
एसके वर्मा, स्टेशन अधीक्षक, रुड़की