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बीमा कंपनी के दिए मेडिक्लेम के दो लाख 60 हजार मय ब्याज भुगतान के आदेश

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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जिला उपभोक्ता फोरम ने हेल्थ बीमा पालिसी की वैधता अवधि में बीमाधारक को पहले से बीमार बताकर मेडिक्लेम न देने और बीमा पॉलिसी भी रद्द कर देने को उपभोक्ता सेवा में कमी माना है। साथ ही बीमा कंपनी को आदेशित किया है कि वह एक माह के अंदर बीमित को उसकी मेडिकलेम राशि दो लाख 60 हजार 550 रुपये और छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करें।
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उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि प्रीत विहार कालोनी निवासी देवेंद्र कुमार ने अपना, अपनी पत्नी सुनीता रानी और बच्चों को हेल्थ बीमा स्टार हेल्थ एंड एलाइड इनश्योरेंस कंपनी से निर्धारित प्रीमियम अदा करके 6 मई 2015 को कराया था। बीमित अवधि मे उनकी पत्नी सुनीता रानी 29 सितंबर 2015 को बीमार हो गईं। उनके इलाज में दो लाख 60 हजार 550 रुपये खर्च हुए, लेकिन बीमा कंपनी ने न तो उपभोक्ता को कैशलेस सुविधा का लाभ दिया और जब क्लेम आवेदन किया तो उसे भी पूर्व में बीमार बताकर 25 जनवरी 2016 को नो क्लेम घोषित कर दिया। इस पर उन्होंने 31 मार्च 2016 को उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम के अध्यक्ष कुंवर सैन, सदस्यगण अंजना चड्ढा और विपिन कुमार ने दोनों पक्ष को सुनने के बाद बीमा कंपनी को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाया और गलत ढ़ंग से रद्द की गई पॉलिसी बहाल कर क्लेम का मय ब्याज भुगतान करने और वाद खर्च रुपये पांच हजार अदा करने का फैसला भी सुनाया है। इसके अलावा कंपनी को बीमा पॉलिसी की बहाली के भी आदेश दिए हैं।
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