ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
अकोढ़ा कलां गांव में पशुओं में खुरपका और मुंहपका की बीमारी से किसानों के दो पशुओं की मौत हो चुकी हैं। जबकि दर्जनभर पशु बीमारी की चपेट में हैं। पशुओं के टीकाकरण के लिए ग्रामीण पहले राजयकीय पशु चिकित्सालय पहुंचे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को तहसील पहुंचे और एसडीएम से गुहार लगाई।
पिछले कुछ दिनों से लक्सर क्षेत्र के पशु खुरपका से ग्रसित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन विभाग की ओर से क्षेत्र में खुरपका और मुंहपका को लेकर टीकाकरण करने के बाद भी पशुओं में बीमारी होना चिंता का विषय है। गांव के दिग्विजय की दो गाय, दो बैल और एक बछड़ा खुरपका से ग्रसित हैं। गांव के ही जोध सिंह की तीन गाय और तीन बछड़े भी चपेट में हैं। जबकि एक बछड़े की बीमारी से मौत हो चुकी है। वहीं, गांव के भंवर सिंह की दो गाय, एक भैंसा खुरपका व मुंहपका की चपेट में है। जबकि एक बछड़ा पहले ही दम तोड़ चुका है। ग्रामीण संजय सैनी, विशाल चौधरी और आकाश का कहना है कि गांव में लगातार बढ़ रही बीमारी से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने गांव में टीकाकरण कर जल्द बीमारी की रोकथाम किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अब तक पशुपालन विभाग की ओर से गांव में टीकाकरण का कार्य नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पशु चिकित्सालय में पशुओं के बीमार होने की शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को एसडीएम से गुहार लगाई।
लक्सर में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. ऋचा के पास हरिद्वार के पशु सचल दल प्रभारी का अतिरिक्त प्रभार भी है। लक्सर में जिन गांवों में पशुओं में खुरपका मुंहपका की बीमारी है, उन गांवों में पशुओं में जल्द टीकाकरण किया जाएगा।
- बीसी कर्नाटक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हरिद्वार