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Roorkee News: बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 21 साल का सश्रम कारावास

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नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (एफटीएससी) रुड़की ने दोषी को दोषी करार देते हुए 21 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
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मामला कोतवाली मंगलौर क्षेत्र के एक गांव का है। 28 सितंबर 2024 को पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी नौ वर्षीय पुत्री को गांव निवासी सुहैल ने अपने घर दूध लाने के बहाने बुलाया था। आरोप था कि बच्ची को दूध का डिब्बा देकर दूसरे घर से दूध लाने भेजा गया और जब वह वापस आरोपी के घर पहुंची तो घर में कोई नहीं था।
इसी दौरान आरोपी ने दरवाजा बंद करके बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत में बताया गया था कि बच्ची रोते हुए नग्न अवस्था में घर पहुंची और उसने घटना की जानकारी अपनी मां को दी। मौके पर कुछ लोगों ने बच्ची को आरोपी के घर से बाहर आते हुए देखने की बात भी कही थी।
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पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। विशेष लोक अभियोजक विवेक कुश के अनुसार, मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश सिंह ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी सिद्ध करार दिया।
अदालत ने पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोपी को 21 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने निर्देश दिए कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और नियमों के तहत पीड़िता को दो लाख रुपये अतिरिक्त प्रतिकर दिए जाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट हरिद्वार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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