अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
बरसात में शहरभर के लिए परेशानी का सबब बनने वाली जलभराव की समस्या से जनता को निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। बुधवार को ढंडेरा क्षेत्र से इसकी शुरुआत करते ह़ुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने अफसरों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। दो बड़े तालाब जलभराव के लिए चिह्नित करने के साथ ही नालों से सही दिशा में जलनिकासी कराने के सर्वे कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए जेएम सड़क पर उतर गई है। जेएम ने ढंडेरा में स्थिति का जायजा लेते हुए दो तालाबों का चिह्नीकरण किया है। जिनसे शहर की जल निकासी को जोड़ा जाएगा। इसके लिए तीन सदस्य टीम को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से होने पर ढंडेरा के साथ-साथ आसपास की कई कालोनियों को राहत मिलेगी।
शहर के कुछ हिस्सों में उचित निकासी नहीं होने से जलभराव की समस्या रहती है। इससे लोगों को दिक्कतें होती है। अमर उजाला में इस बाबत समाचार प्रकाशन के बाद प्रशासन ने सुध ले ली है। बुधवार को जेएम ने बीडीओ, सिंचाई विभाग, पीडब्लूडी और अन्य अधिकारियों के साथ ढंडेरा में कई स्थानों पर जायजा लिया हैं। अधिकारियों ने ढंडेरा के 21 और 23 बीघा के दो तालाबों का चिह्नीकरण कर शहर की निकासी नालों को इन तालाबों से जोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि शहर की निकासी को तालाबों से जोड़ने के लिए आने वाली दिक्कतों को लेकर जेएम ने खंड विकास कार्यालय, सिंचाई विभाग और लोनिवि के अवर अभियंताओं की टीम गठति की है। यह टीम पूूरे कार्य का सर्वे कर रिपोर्ट जेएम को सौंपेगी। तालाब पर होने वाले अतिक्रमण की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान बीडीओ मानवेंद्र कौर, नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह के साथ पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला बध्यूरो
रुड़की। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से हुआ तो ढंडेरा के साथ-साथ आसपास की अन्य कई कालोनियों में भी जलभराव से निजात मिलेगी।
ढंडेरा के साथ-साथ मोहनपुरा, गोल भट्टा, ढंडेरा, अशोक नगर, शिवाजी नगर आदि कालोनियों में जलभराव की समस्या रहती है। शहर की कई अन्य कालोनियों की जल निकासी भी इन कालोनियों में आकर रुक जाती है। नालों पर हो रहे अतिक्रमण से लोगों का यह समस्या झेलनी पड़ रही हैं। अब तक जल निकासी का मामला पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ-साथ रमेश पोख्यिाल निशंक, विजय बहुगुणा के सामने भी उठ चुका है। हरीश रावत ने मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए राहत दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत भी मामले से अनभिज्ञ नहीं है। लंढौरा में कार्यक्रम के दौरान उसके सामने भी यह समस्या रखी गई थी। अब अधिकारियों की ओर से तैयार किए जा रहे प्लान पर लोगों की उम्मीद टिकी है।
इन क्षेत्रों में भी है जलभराव की समस्या
अंबर तालाब, रामपुर चुंगी, भारत नगर, पुरानी तहसील, गुलाब नगर, डीएवी रोड़, सुभाषनगर, राजेंद्र नगर, पनियाला रोड आदि।