ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
मकर संक्रांति का पर्व शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। शहर के विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया।
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, साकेत स्थित दुर्गा चौक मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में विधिविधान से पूजन किया गया। सुनहरा रोड स्थित जीवन दीप आश्रम में मकर संक्रांति पर सुंदरकांड का पाठ, हवन यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। इसके अलावा नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को गर्म कपड़े वितरित किए गए। महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि ने कहा कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस पर्व को पूरे देश में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। नेहरू स्टेडियम के नजदीक दुर्गा चौक मंदिर पर भी हवन पूजन किया। लोगों ने जरूरतमंद और गरीब लोगों को दान दिया। साथ ही लोगों को गुड़ और खिचड़ी वितरित की गई। वहीं, रुड़की गणेश चौक पर मकरसंक्रांति के उपलक्ष्य में गणेशपुर के व्यापारियों की ओर से गणेश चौक पर हवन किया गया। इसके बाद प्रसाद के रूप में खिचड़ी बांटी गई। इस मौके पर सोनू कुमार, मनोज अग्रवाल, दिनेश, सुखदेव, रियाजुल, आनंद शर्मा ,सोनू त्यागी, मुनेश त्यागी, अमित कुमार, रामपाल,संदीप त्यागी, ज्ञानचंद, आलोक, आशीष पांडे, गौरव वत्स आदि उपस्थित रहे।
विश्व मांगल्य दिवस के रूप में मनाया पर्व
विश्व आयुर्वेद परिषद की ओर से शिव मंदिर रेलवे रोड पर विश्व मांगल्य दिवस के रूप में मकर संक्रांति मनाई गई। खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया गया। विश्व आयुर्वेद परिषद उत्तराखंड के प्रदेश सचिव वैद्य टेक वल्लभ ने बताया की शास्त्रों में प्रतिदिन और समय का अलग महत्व होता है। यह सूर्य पर्व है। आज के दिन सूर्यदेव 12 राशियों में विचरण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसलिए इसे मकर संक्रांति कहाजाता है। इसका हमारे शरीर पर स्वास्थ्य के लिए अनुकूल प्रभाव होता है। शास्त्रों में इस दिन सुबह खाली पेट खिचड़ी ग्रहण करना और दान करना स्वास्थ्य संरक्षक व शक्तिवर्धक बताया है। इस मौके पर डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दिनेद्र सिंह, डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. शशि मोहन गुप्ता, डॉ. पीसी शास्त्री, डॉ. प्रदीप त्यागी, डॉ. गोपाल कृष्णा, कुलदीप सिंह, उर्मिला, संदीप भाटी आदि मौजूद रहे।