कलियर में 15 दिनी उर्स मेले की सुरक्षा के लिए जिलेभर की खुफिया टीम और पुलिस प्रशासन को अलर्ट किया हुआ है। डीएम और एसएसपी कई बार बैठकें कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। नाभा जेल पर हुए हमले के बाद से आतंकियों की तलाश में कलियर के लिए विशेष रूप से भी हाईअलर्ट जारी किया हुआ है। इसके बावजूद मेले में लगाए गए 18 सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हुए हैं। दरगाह प्रबंधन और पुलिस प्रशासन एक-दूसरे पर अव्यवस्था की जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
कलियर में साबिर पाक के 748वें सालाना उर्स का आगाज पांच दिसंबर से हो चुका है। देश-विदेश से जियारत के लिए जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इससे पहले मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने दो बार हरिद्वार और एक बार कलियर में बैठक की। इसके अलावा एक बार निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा भी लिया। एसएसपी ने भी पुलिस अधिकारियों के साथ कलियर में बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होने के दावे किए। साथ ही हर जायरीनों पर नजर रखने की बात कही गई।
पटियाला की नाभा जेल पर हमले और मंगलौर के मोहम्मदपुर झाल पर संबंधित वर्दी बरामद होने के बाद कलियर में विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया गया लेकिन, पुलिस अधिकारियों की आंखें नहीं खुली। अमर उजाला की पड़ताल में पुलिस-प्रशासन के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि कलियर में सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से लगभग 18 कैमरे लगाए गए हैं लेकिन, सभी बंद पड़े हुए हैं। इस संबंध में जब क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि दरगाह की ओर से बजट नहीं दिया गया है। इनकी मरम्मत करवाने की जिम्मेदारी दरगाह प्रबंधन की है।
दरगाह प्रबंधक आरिफ राशिद का कहना है कि दरगाह प्रबंधन की ओर से कैमरे लगाए गए थे। इनके संचालन की जिम्मेदारी पुलिस की है। उर्स की सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से 25 नए सीसीटीवी कैमरों के लिए भी प्रस्ताव दिया गया है। उसे स्वीकृति के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी को प्रेषित किया गया है। इनमें से जितने भी कैमरों की स्वीकृति मिलेगी उसे लगाया जाएगा।
उर्स मेले की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले की संवेदनशीलता के साथ ही सुरक्षा की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उर्स के लिए एसपी देहात और पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
...राजीव स्वरूप, एसएसपी हरिद्वार