सरकारी भूमि पर बने धार्मिक स्थल को तोड़ने के लिए ग्रामीण स्वयं ही आगे आ गए। एक समुदाय के लोगों ने अवैध निर्माण को तोड़ डाला। जिस पर एसडीएम ने भी ग्रामीणों का सहयोग के लिए आभार जताया है। पुलिस एवं प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
बिनारसी बुलेड़ गांव में ग्राम समाज की भूमि पर धार्मिक स्थल खड़ा कर लिया गया था। जिसको हटाने के एक समुदाय के लोगों की ओर से प्रशासन से मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थल को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिस पर एक ग्रामीण की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली गई थी। हाईकोर्ट की ओर से पिछले माह अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए गए थे, लेकिन प्रशासन ने एक माह का समय मांग लिया था। जिससे मामला एक माह के लिए टाल दिया गया था। अब फिर से प्रशासन ने पहले पांच बाद में सात दिसंबर की तारीख के लिए धार्मिक स्थल संचालक को नोटिस जारी कर हटाने के लिए कहा था, लेकिन मामले में गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था।
पुलिस एवं प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए थे। धार्मिक स्थल को शांति से तोड़ने के लिए प्रशासन रास्ता निकाल रहा था। जिससे प्रशासन के समझाने पर एक समुदाय के लोगों ने स्वयं ही धार्मिक स्थल को तोड़ डाला। हालांकि एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल एवं एसओ सूर्यभूषण सिंह नेगी गांव के बाहर एहतियात के तौर पर मौजूद रहे। एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि एक समुदाय के लोगों ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में स्वयं अवैध निर्माण तोड़कर सराहनीय कार्य किया है। जिस पर वह उनका सहयोग करते हैं।
बेलड़ा में तालाब को चिह्नित करने का काम शुरू
हाईकोर्ट के आदेश पर बेलड़ा गांव में तालाबों की खोज शुरू हो गई है। बुधवार को प्रशासन की ओर से दो तालाबों को चिह्नित कर खुदाई का काम शुरू कर दिया गया। नायब तहसीलदार पीतम सिंह ने बताया कि एक तालाब से पहले ही अतिक्रमण हटाया जा चुका था, बुधवार को दो तालाबों की भूमियों की पैमाइश कर खुदाई का काम शुरू करा दिया गया है, उन्होंने बताया शेष तीन तालाबों की भूमि भी जल्द चिह्नित कर ली जाएगी।