रुड़की। जाम से केवल यात्री ही नहीं हरिद्वार-दिल्ली हाईवे किनारे संचालित होटल, ढाबा और अन्य कारोबार करने वाले भी परेशान हैं। प्रतिष्ठानों के बाहर जाम में फंसे वाहनों की कतारें लगी होने के कारण वाहन खड़े करने की जगह न होने से कारोबार धड़ाम हो गया है। हालत यह है कि पीक सीजन में भी प्रतिष्ठानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्टाफ का खर्च नहीं निकलने पर कई मालिक प्रतिष्ठान शिफ्ट करने का मन बना चुके हैं।
जाम का असर हाईवे किनारे ठेली पर सामान बेचने वालों पर भी पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बेहतर धंधे की आस में हाईवे किनारे कई दुकानदारों ने जूस समेत अन्य खाने-पीने की चीजों की दुकानें खोल रखी हैं, लेकिन ग्राहक न पहुंचने से परेशान हैं। जाम से सबसे ज्यादा ढाबा कारोबारी प्रभावित हैं। साउथ सिविल लाइंस स्थित कुंदन ढाबा के संचालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि इस साल पीक सीजन में नाममात्र की कमाई हुई है। जाम की वजह से पिछले साल के पीक सीजन के मुकाबले इस बार केवल 40 फीसदी कारोबार हुआ है। जब तक मंगलौर से कोर कालेज जाने वाला बाईपास नहीं बन जाता है कारोबार बढ़ने की कोई उम्मीद नहीं हैं।
दिल्ली हाईवे स्थित संगम ढाबा के मालिक परवेज के मुताबिक जाम ने पूरा कारोबार चौपट कर दिया है। वह ढाबा दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। अन्य संचालक भी अपने ढाबे शिफ्ट करने की तैयारी में हैं। बस अड्डे के सामने दर्जनों दुकानें हैं, लेकिन यहां भी नाममात्र का काम रह गया है। रोडवेज के सामने बेकरी का सामान बेचने वाले शिवम ने बताया कि जाम के कारण दुकान पर कोई ग्राहक नहीं आ रहे हैं। जैन ढाबा के मालिक विपिन जैन ने बताया कि जाम के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े नहीं हो पा रहे हैं। जिसकी वजह से ग्राहक ढाबे में नहीं पहुंच पा रहे हैं। दुकानदारों के मुताबिक जाम ने पूरा कारोबार प्रभावित कर दिया है। जिला प्रशासन को जाम से निजात दिलाने के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए।
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हाईवे पर गड्ढे में पलटा ट्रक
रुड़की। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे किनारे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। बुधवार देर रात मलकपुर चुंगी पर हाईवे किनारे गड्ढे में एक दस टायरा ट्रक पलट गया। इसमें चालक चोटिल हो गया है।
दिल्ली-हरिद्वार हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। जाम के दौरान जल्दी निकलने के चक्कर में छोटे-बड़े वाहन चालक अपने-अपने वाहनों को गड्ढे में उतार दे रहे हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। बावजूद संबंधित विभाग इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। बुधवार देर रात करीब एक बजे यूपी से फल लादकर आ रहा दस टायरा ट्रक मलकपुर चुंगी चौराहे पर पलट गया। ट्रक हरिद्वार जा रहा था। तीव्र मोड़ और गड्ढे में ट्रक पलट गया। गनीमत रही कि घटना देर रात हुई। यदि दिन में ट्रक पलटता तो जानमाल को नुकसान होता। घटना में चालक का पैर टूट गया है। शहर में चलने वाले ई-रिक्शा भी आए दिन इन गड्ढों में पलट रहे हैं।
जाम ने बढ़ाया तापमान, शोर से हलकान
जाम से केवल यात्री ही परेशान नहीं हैं। बल्कि सड़क किनारे रहने वाले लोगों के भी हाल बुरे हैं। रुड़की के अंदर से गुजर रहे हाईवे से रोजाना तीन लाख से ज्यादा वाहन निकलते हैं। इन वाहनों से निकलने वाले धुएं से तापमान बढ़ा रहता है। वहीं जाम के दौरान वाहन चालक हार्न का ज्यादा प्रयोग करने से शोर से परेशानी और बढ़ गई है।
आफिस के लिए निकलना पड़ता है जल्दी
जाम के कारण यात्रियों के साथ नौकरी पेशा करने वाले भी परेशान हैं। आफिस जाने के लिए लोगों को अपने घरों से जल्दी निकलना पड़ता है। सबसे ज्यादा मुसीबत मंगलौर, नारसन, भगवानपुर, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर में नौकरी करने वालों को हो रही है। इन जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने-अपने घरों से घंटो पहले निकलना पड़ रहा है। भगवानपुर स्थित एक फैक्ट्री में अधिकारी के पद पर तैनात विकास कुमार ने बताया कि आमतौर पर वह आफिस टाइम से एक घंटा पहले निकलते थे। लेकिन जाम के कारण उन्हें दो घंटा पहले निकलना पड़ रहा है।
शनिवार और रविवार आफत के दिन
शनिवार और रविवार दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर भीषण जाम लगता है। यह दोनों दिन मरीजों को भारी पड़ते हैं। इन दिनों मेरठ और देहरादून जाने वाली कई एंबुलेस जाम में फंसती हैं। यही हाल नारसन, मंगलौर व भगवानपुर से रुड़की आने वाले मरीजों का रहता है।