रुड़की। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की नगर निगम सभागार में शनिवार को आयोजित विभिन्न विकासों कार्यों की समीक्षा बैठक में मात्र एडीबी की ओर से कराए जा रहे पेयजल और सीवर लाइन के कार्यों में धांधली और लापरवाही छाई रही। बैठक में मौजूद लोगों ने एडीबी अधिकारियों पर जमकर बड़ास निकाली। मंत्री भी अधिकारियों पर जमकर बरसे। उन्होंने अपर सचिव शहरी विकास को आदेश दिए की वह एडीबी के कार्यों में अनियमितता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जांच करें और दोषियों को संबंधित विभागों को रिलीव कर दें। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भी आदेश दिए यदि एडीबी सीवर को नालियों में छोड़ा जाता है तो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
मंत्री कौशिक ने पहले पार्षदों और लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान लोगों ने सड़कों की मरम्मत में एडीबी के अधिकारियों से बरती जा रही लापरवाही को प्रमुखता से उठाया। बताया गया कि कई-कई दिन से खोदकर छोड़ी गई सड़कों को अब तक भी ठीक नहीं किया जा रहा है। पाइप डालने के साथ ही चैंबर नहीं बनाए जा रहे हैं। सड़कों को बार-बार खोदा जा रहा है। हालत यह है कि जगह-जगह लाइनों से पानी का रिसाव हो रहा है। इससे टूटी सड़कों पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। आए दिन लोग कीचड़ भरी सड़कों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इसके बाद मंत्री ने एडीबी अधिकारियों को लापरवाही बरतने पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल को समय-समय पर एडीबी के कार्यों की समीक्षा और जांच करने को कहा। साथ ही आदेशित किया कि यदि नालियों में सीवर बहाए जाने की शिकायत उन्हें कहीं से मिलती है तो एडीबी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराएं जाएं। इस दौरान मंत्री ने अपर सचिव शहरी विकास मंत्रालय चंद्रेश कुमार को आदेशित किया कि वह एडीबी के कार्यों में अनियमितताएं बरतने वाले अधिकारियों की जांच कर उन्हें तत्काल उनके विभागों को रिलीव कर दें। विधायक प्रदीप बत्रा ने भी एडीबी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। मौके पर विधायक देशराज कर्णवाल, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील त्यागी, मुख्य नगर आयुक्त अशोक पांडे, सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क पर आए मंत्री तो छलका लोगों का दर्द
रुड़की। बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री सड़कों का हाल जानने मौके पर पहुंचे। जैसे ही वे डीएवी रोड पर पहुंचे तो भीड़ इकट्ठा हो गई। मंत्री ने समस्या पूछी तो लोगों का दर्द छलक उठा। बताया कि इसी सड़क पर दुर्घटना होने से एक बच्चे का पैर जख्मी हो चुका है। जिस मुख्य सड़क का मंत्री निरीक्षण कर रहे थे, वहां पानी और मिट्टी के चलते दलदल हो गया था। इसे देखकर मंत्री भी असहज दिखे।
डीएवी रोड पर खोदकर छोड़ी गई सड़क के निरीक्षण के दौरान आसपास के दुकानदारों में एडीबी के कार्यों के प्रति गहरी नाराजगी दिखी। लोगों ने बताया कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने यहां निरीक्षण कर तीन दिन के भीतर समस्या का समाधान कराने के आदेश दिए थे, लेकिन दस दिन बाद भी हालात ज्यों के त्यों हैं। लोगों ने बताया कि सड़क 20 दिन से खुदी पड़ी है और उस दिन से लगातार पानी बह रहा है। इस पर मंत्री ने एडीबी अधिकारियों को तत्काल समस्या का समाधान करने के आदेश दिए। मंत्री ने एडीबी अधिकारियों से जवाब तलब किया। अधिकारियों ने बताया कि यहां पुरानी लाइन काफी लंबी थी और लीकेज नहीं रुक रही थी। जिसके कारण नए पाइप मंगाए गए हैं। जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके बाद लोगों ने मंत्री को अन्य सड़कों का निरीक्षण करने को कहा, लेकिन मंत्री ने व्यस्त होने का हवाला दिया और चले गए।
थर्ड पार्टी से निर्माण कार्यों की जांच के निर्देश
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि एडीबी के निर्माण कार्यों की जांच आईआईटी और एक अन्य संस्था से कराई जा रही है। हो सकता है कि स्थानीय संस्थानों से जांच के कारण इसे प्रभावित किया जा रहा हो। उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से थर्ड पार्टी की तलाश कर जांच कराने के निर्देश दिए।
विधायक बोले, दो घंटे मेरे स्कूटर पर बैठाओ
नगर निगम में आयोजित समीक्षा बैठक में उस समय ठहाके लगे जब झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने एक अधिकारी से कहा कि मेरे स्कूटर पर बैठो, दो घंटे में पूरे शहर की समस्या की जानकारी मिल जाएगी। दरअसल, यह बात विधायक ने एडीबी के एक अधिकारी के ये कहने पर कही कि उन्हें आए अभी दो महीने हुए हैं। इसलिए पूरी तरह समस्याओं का अंदाजा नहीं है।
सड़क तोड़ने से पहले क्यों नहीं ली एनओसी
बैठक में मंत्री ने एडीबी के अधिकारियों से सवाल किया कि सड़कों को तोड़ने से पहले नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र क्यों नहीं लिया। इस पर एडीबी अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने नगर निगम को पत्र दिए थे, लेकिन निगम अधिकारियों ने पत्र मिलने से अनभिज्ञता जताई। इसे लेकर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई।