अमर उजाला ब्यूरो
नारसन। गांव नारसन खुर्द के पास बना लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) का गेस्टहाउस तैयार होने से पहले जवाब देने लगा है। विभागीय अनदेखी और हीलाहवाली से गेस्टहाउस न सिर्फ क्षतिग्रस्त हो गया, बल्कि असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। शिकायतों के बावजूद कोई इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है।
प्रदेश के गठन के बाद लोनिवि ने नारसन खुर्द के पास एक गेस्टहाउस का निर्माण करवाया है। लाखों रुपये की लागत से बनाया गया भवन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थिति यह है कि पक्के भवन में घास उगने लगी है। फर्श में गड्ढे होने के साथ-साथ खिड़की और दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। फर्श में लगा पत्थर उखड़ चुका है। यह भवन अब असामाजिक तत्वों और आवारा पशुओं का अड्डा बन चुका है। मुख्यद्वार पर दरवाजा नहीं होने से कोई भी इसमें आसानी से आ-जा सकता है। दो बीघे जमीन में बने गेस्टहाउस में पांच बड़े-बड़े कमरे के अलावा किचन सहित अन्य सुविधाएं भी मौजूद हैं। इस संबंध में लोनिवि लक्सर डिवीजन के अधिशासी अभियंता एसएस यादव का कहना है कि पहले गेस्टहाउस रुड़की डिवीजन में था, लेकिन बाद में यह लक्सर में डिवीजन में आ गया। उसके बाद से गेस्टहाउस के लिए कोई बजट नहीं मिला, जिसके कारण से यह अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने पर गेस्टहाउस को दुरुस्त कराया जाएगा।