रुड़की। राजनीति का पर्याय बना चंद्रशेखर चौक के मामले ने फिर नया मोड़ ले लिया है। अभी तक कहा जा रहा था कि हाईकोर्ट ने चौक और मूर्ति केे पुराने स्थान पर स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन अब मामले में डीएम की ओर से दोनों पक्षों की सुनने के बाद फैसला लेने की बात सामने आई है। कुल मिलाकर एक बार फिर चौक का मामला असमंजस और राजनीति के दौर में पहुंचने वाला है।
गौरतलब है कि विधायक प्रदीप बत्रा की ओर से सिविल लाइंस में चंद्रशेखर चौक को चौराहे के बीचोबीच स्थानांतरित करने के साथ ही स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति को नई जगह स्थापित कर दिया था। साथ ही इसका सौंदर्यीकरण भी कराया गया था। इसके विरोध में कांग्रेसी नेता एवं मेयर यशपाल राणा लामबंद हो गए थे। इसके विरोध में मेयर समर्थकों ने कई बार धरना प्रदर्शन कर पुतले फूंके। कुछ दिन पहले पूर्व पालिका चेयरमैन दिनेश कौशिक की ओर से हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए जानकारी दी थी कि चौक को पुराने स्थान पर ही स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन सोमवार को मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब मेयर यशपाल राणा हाईकोर्ट के आदेश को लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे। डीएम दीपक रावत ने उन्हें बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक उन्हें दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद फैसला लेने के आदेश मिले हैं। ऐसे में वे एक माह के भीतर इस पर दोनों पक्षों की सुनवाई कर फैसला लेंगे। उधर, पूर्व पालिका चेयरमैन दिनेश कौशिक ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाबत अधिवक्ता से बात की जाएगी। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।