चुड़ियाला। मालगाड़ी के खड़े रहने से 16 घंटे तक फाटक बंद रहने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मालगाड़ी को रुड़की रेलवे स्टेशन पर ले जाया जाना था, लेकिन ट्रैक खाली नहीं होने से ड्राइवर ट्रेन को वहीं छोड़कर चले गए। जिससे फाटक बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं सहारनपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को लूप लाइन से धीरे-धीरे गुजारना पड़ा।
शनिवार को गाजियाबाद मुख्यालय के ट्रेन ड्राइवर दुर्गेश सिंह मेरठ से मालगाड़ी को रुड़की रेलवे स्टेशन के लिए लेकर चले थे। देर रात में 11 बजकर 40 मिनट पर रुड़की रेलवे स्टेशन पर ट्रैक खाली नहीं होने से मालगाड़ी को चुड़ियाला रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। जिससे चुड़ियाला रेलवे फाटक बंद हो गया है। जहां ड्राइवर दुर्गेश समेत हेल्पर एवं गार्ड रविवार सुबह चार बजकर 45 मिनट तक रुड़की में ट्रैक खाली होने का इंतजार करते रहे, जब ट्रैक खाली नहीं मिला तो ड्राइवर, हेल्पर एवं गार्ड इंजन आदि की चाबी स्टेशन मास्टर अशोक जैन को सौंपकर चले गए।
फाटक बंद होने के कारण चुड़ियाला गांव सहित भलस्वागाज, झबरेड़ा, भगवानपुर, बलियाखेड़ी, सहारनपुर आदि दर्जनों क्षेत्रों में आने-जाने वाले ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर बिनारसी फाटक या शाहपुर के रेलवे लाइन के अंडर ब्रिज के नीचे से होकर गुजरना पड़ा। लोगों को परेशानी होने के साथ ही समय भी अधिक लगवाना पड़ा। मेन लाइन में मालगाड़ी के खड़े रहने से सहारनपुर की ओर से आने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को लूप लाइन से धीरे-धीरे से गुजारा गया। यातायात निरीक्षक आरके शर्मा ने बताया कि रुड़की में लोड खड़े होने के कारण गाड़ी को नहीं लिया जा सका था। करीब चार बजे ट्रैक खाली होने पर मालगाड़ी को रुड़की ले लिया गया। फाटक खुलने के बाद ही यातायात सुचारु रूप से चल सका।