अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
पुलिस प्रशासन के हाईवे को पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने के दावे फेल साबित हुए हैं। डाक कांवड़ से चार दिन पहले ही कांवड़िए हाईवे पर उतर चुके हैं। जिससे हरिद्वार पहुंचने वाले वाहनों को डेढ़ घंटे तक का समय लग रहा है। स्थति यह है कि हाईवे पर बड़ी और ऊंची कांवड़ के अलावा पैदल कांवड़िए चल रहे हैं। वहीं, कांवड़ पटरी मार्ग पर शहरियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि यूपी और उत्तराखंड प्रशासन की ओर से विगत कई सालों से प्रयास किया जा रहा है कि कांवड़ पटरी मार्ग से सभी कांवड़ियों का गुजारा जाए। लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। इस साल कांवड़ तैयारियों के दौरान भी प्रशासन की ओर से दावे किए गए थे कि हर हालत में इस बार कांवड़ पटरी से ही सभी कांवड़ियों को गुजारा जाएगा। लेकिन कांवड़ियों के रैले के आगे प्रशासन कुछ खास नहीं कर पा रहा है। नतीजतन जगह-जगह कांवड़िए कांवड़ पटरी को छोड़कर हाईवे पर उतर रहे हैं। इन दिनों इिसमें चिंताजनक बात ये है कि पूरी पुलिस फोर्स का ध्यान कांवड़ पटरी पर कांवड़ियों के संचालन को लेकर लगा है। जबकि हाईवे पर कहीं पुलिस दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में यदि हाईवे पर कोई घटना हो जाए तो तत्काल प्रभाव से व्यवस्था संभालना आसान नहीं होगा।
एसएसपी ने कांवड़ पटरी का किया निरीक्षण
रुड़की। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बुधवार की शाम रुड़की पहुंचकर कांवड़ पटरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधीनस्थों को अपनी ड्यूटी स्थल पर तैनात होने के निर्देश दिए। साथ ही संदिग्धों पर नजर रखने की बात कही। इसके बाद उन्होंने सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर भंडारा लगाने वाले आयोजकों के साथ मीटिंग ली। इस दौरान एसएसपी ने भंडारा आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से सतर्क रहने और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बताया कि कांवड़ के दौरान अगर कोई संदिग्ध दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस दौरान एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, सीओ एसके सिंह, इंस्पेक्टर साधना त्यागी, इंस्पेक्टर कमल कुमार लुंठी, एसएसआई हरपाल सिंह मौजूद रहे।