दलित समाज के प्रदर्शन का असर रेल यातायात पर तीसरे दिन भी दिखाई दिया। बुधवार को एक दर्जन से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से रुड़की रेलवे स्टेशन पर पहुंची। गोरखपुर से देहरादून जाने वाली राप्तीगंगा 24 घंटे की देरी से लक्सर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। ट्रेनों के अधिक लेट रहने पर यात्रियों को आरक्षण भी रद्द कराने पड़े।
सोमवार के भारत बंद का असर बुधवार को भी ट्रेनों पर रहा। मुरादाबाद मंडल व अंबाला मंडल में रेलवे लाइन की मरम्मत की वजह से जहां ट्रेनों के संचालन में परेशानी हो रही थी वहीं दलितों के भारत बंद के दौरान जगह-जगह उखाड़ी गई रेलवे लाइन के कारण ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंची। जम्मूतवी से कोलकता जाने वाली सियालदाह एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से पहुंची। धनबाद से फिरोजपुर जाने वाली गंगा सतलुज नो घंटे देरी से पहुंची। मदुरे जं. से देहरादून जाने वाली मदुरे एक्सप्रेस सात घंटे, लखनऊ से चंडीगढ़ जाने वाली चंडीगढ़ सुपरफास्ट तीन घंटे, देहरादून से सहारनपुर जाने वाली सहारनपुर पैसेंजर एक घंटे, लखनऊ से चंडीगढ़ जाने वाली चंडीगढ़ एक्सप्रेस एक घंटे, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली हावड़ा एक्सप्रेस 12 घंटे, जम्मूतवी से भागलपुर जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस सात घंटे, अंबाला से बैरानी जाने वाली हरिहर एक्सप्रेस 15 घंटे, श्रीगंगा नगर से हरिद्वार जाने वाली इटरसिटी एक्सप्रेस चार घंटे, गोहावटी से जम्मूतवी जाने वाली गोहावटी एक्सप्रेस 13 घंटे की देरी से रुड़की रेलवे स्टेशन पर पहुंची। माडल टाउन से हरिद्वार जाने वाली माडल टाउन एक्सप्रेस 21 घंटे की देरी से लक्सर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। सहरसा से अमृतसर जाने वाली सहरसा एक्सप्रेस 25 घंटे, मुजफ्फरपुर से देहरादून जाने वाली मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस 25 घंटे, हरिद्वार से माडलटाउन जाने वाली माडलटाउन एक्सप्रेस 17 घंटे, हावड़ा से देहरादून जाने वाली दून एक्सप्रेस नौ घंटे, बांद्रा से दून एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से रुड़की रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वहीं मेंटीनेंस के चलते लखनऊ से चलकर सहारनपुर जाने वाली सहारनपुर पैसेंजर व बांदीकुई से ऋषिकेश जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को 15 अप्रैल तक के लिए रद्द कर दिया गया है। स्टेशन अधिक्षक एसके वर्मा ने बताया कि हिंसक प्रदर्शन के बाद जगह-जगह बाधित हुए ट्रैक के मरम्मतीकरण के चलते ट्रेनें लेट हुई है। जल्द ही व्यवस्था ठीक हो जाएगी।