रामनगर की गलियों में पुरानी सीवर लाइनें चोक हो गई है, जिसके चलते लोगों के घरों में सीवर का पानी वापस आ रहा है। कालोनी के लोगों ने मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता देहरादून सुबोध कुमार से की। मंगलवार को जल संस्थान के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, लेकिन यहां पर स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अब अधिकारियों को इसका समाधान भी नहीं सूझ रहा है। वहीं, नई सीवर लाइन चालू होने में अभी करीब पांच माह का समय लग सकता है। ऐसे में लोगों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।
रामनगर के क्षेत्र की कई गलियों में सीवर लाइन चोक होने से ओवर फ्लो हो गई है। इसकी शिकायत कालोनी के लोगों ने अधीक्षण अभियंता सुबोध कुमार से की। अधीक्षण अभियंता के आदेश पर जल संस्थान रुड़की के एई राजेश कुमार निरवाल निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर एडीबी ने खुदाई के दौरान पुरानी सीवर लाइनों में मिट्टी आदि का मलबा छोड़ दिया है। वहीं, कुछ जगहों पर लोगों ने नाली का पानी सीवर लाइन से जोड़ दिया गया है, जिसके चलते सीवर लाइन चोक होने के साथ ही ओवर फ्लो हो गई है, जबकि इन लाइनों की क्षमता इतनी नहीं है। उन्होंने बताया कि नालियों के पानी की निकासी के लिए नालों की क्षमता बढ़ाए जाने के लिए नगर निगम को भी पत्र भेजा गया है। लोगों का कहना था कि सीवर लाइन को चालू कराने का जिम्मा जल संस्थान का है। उनके घरों में बदबूदार पानी नालियों के जरिए आ रहा है। एडीबी की ओर से जो सीवर लाइनें डाली गई है उनके सुचारू होने में अभी छह माह का वक्त लग सकता है। ऐसे में रामनगर के सौ से अधिक परिवारों की मुसीबतें बढ़ गई है। इस संबंध में एई राजेश कुमार निरवाल का कहना है कि जल्द ही कोई न कोई समाधान किया जाएगा।