बिना शिक्ष्ाक के बैठे बच्चे।
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मंगलौर। नगर के सरकारी प्राथमिक स्कूल नंबर-11 में नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही है। एकल शिक्षक स्कूल के प्रधानाध्यापक के सेवानिवृत्त होने के 12 दिन बाद भी स्कूल शिक्षकविहीन है। तैनात किए गए शिक्षक ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
नगर के प्राथमिक स्कूल नंबर-11 में पढ़ने वाले बच्चे एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद से लगातार स्कूल आ रहे हैं। यह अलग बात है कि उनकी पढ़ाई अभी शुरू नहीं हुई है। कक्षा में नये सत्र के लिए दी जाने वाली पुस्तकें मेज पर रखी हुई हैं। लेकिन उन्हें अब तक बांटा नहीं गया है। यह स्कूल कन्या जूनियर हाईस्कूल के परिसर में चल रहा है। इसलिए स्कूल तो रोज खुल जाता है और बच्चे आकर कक्षा में बैठ जाते हैं। लेकिन शिक्षक नहीं होने के कारण न तो पढ़ाई हो रही है और न उनकी हाजिरी लग रही है।
दरअसल इस स्कूल के एकमात्र शिक्षक 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके स्थान पर जिस शिक्षिका का स्थानांतरण यहां किया गया था वह स्वास्थ्य कारणों से कार्यभार ग्रहण करने नहीं पहुंचे। इस पर इसी परिसर में चल रहे प्राथमिक स्कूल नबंर-9 के शिक्षक को अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण करने के आदेश डिप्टी बीइओ ने जारी किए। लेकिन इस शिक्षक ने भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया। अब डिप्टी बीइओ भी 15 दिन की ट्रेनिंग पर चली गई हैं। स्कूल की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
सभासद नूर आलम का कहना है कि स्थिति बेहद खराब है। 12 दिन से शिक्षक नहीं होना गंभीर मामला है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी दिनेश चंद डिमरी का कहना है कि जल्द स्कूल में शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।