रुड़की। सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए यह राहतभरी खबर है। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में अब दोपहर 1.30 बजे तक खून की जांच हो सकेगी।
सिविल अस्पताल रुड़की में पैथोलॉजी लैब में खून आदि के सैंपल लेने का समय बढ़ा दिया गया है। अभी तक लैब में सुबह 11.30 बजे तक खून आदि के नमूने लिए जाते थे। उसके बाद नमूनों की जांच शुरू की जाती थी। दोपहर डेढ़ बजे के लगभग मरीजों को जांच रिपोर्ट दी जाती थी। जिन मरीजों को चिकित्सक की ओपीडी में देरी हो जाती थी या फिर जो मरीज 11.30 बजे के बाद लैब में जांच के लिए पहुंचते थे उन्हें अगले दिन जांच के लिए आना पड़ता था। इससे मरीजों का समय काफी बर्बाद होता था।
साथ ही परेशानी का भी सामना करना पड़ता था। मरीजों की इस परेशानी को देखते हुए लैब में खून के नमूने लेने का समय अब 11.30 बजे से बढ़ाकर दोपहर 1.30 बजे कर दिया है। हालांकि इसकी जांच रिपोर्ट अगले दिन सुबह नौ से दस बजे के बीच मिलेगी। इससे चिकित्सक को मरीज का उपचार करने में आसानी होगी। कार्यवाहन सीएमएस डा. संजय कंसल ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए लैब में सैंपल एकत्रित करने का समय बढ़ाया गया है।
12 निजी अस्पतालों को नगर पंचायत का नोटिस
लक्सर। नगर पंचायत ने कस्बे के 12 प्राइवेट अस्पतालों को जन्म-मृत्यु की जानकारी न देने पर नोटिस जारी किया है। यह अस्पताल पिछले लंबे समय से अस्पताल में होने वाले जन्म-मृत्यु का लेखा-जोखा नगर पंचायत को उपलब्ध नहीं करा रहे थे। नगर पंचायत ने अस्पतालों को नोटिस जारी कर लेखा-जोखा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
लक्सर नगर पंचायत में करीब दो दर्जन ऐसे अस्पताल हैं जिनमें प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। इन अस्पतालों को अपने यहां जन्मे बच्चों का लेखा जोखा तैयार कर नगर पंचायत के सुपुर्द करना होता है। इसी आधार पर नगर पंचायत जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करता है। लेकिन अस्पतालों की ओर से लेखाजोखा न मिलने के कारण इन लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लक्सर के 12 ऐसे अस्पताल हैं जो पिछले लंबे समय से अस्पतालों में हो रहे जन्म-मृत्यु का लेखाजोखा नगर पंचायत को उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। नगर पंचायत के ईओ एसपी जोशी ने इन सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर दिया है। अस्पतालों को सख्त हिदायत दी है कि इसके बाद भी लेखाजोखा उपलब्ध न कराने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को लिखा जाएगा।
आठ डाक्टरों समेत 14 कर्मियों को नोटिस
रुड़की। अस्पताल में मरीजों को इंतजार कराने वाले आठ चिकित्सकों सहित 14 कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि यदि वह समय से ड्यूटी करने नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सिविल अस्पताल रुड़की में ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक किया हुआ है। उसके बावजूद कुछ डाक्टर सुबह दस बजे के बाद ओपीडी में बैठ रहे हैं। कुछ स्टाफ कर्मियों की भी यही हालत है। इससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों की लगातार शिकायतों पर कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल ने मंगलवार सुबह ओपीडी का औचक निरीक्षण किया तो शिकायतें सही पाई गई। उसके बाद सीएमएस ने अस्पताल और डीआईसी के आठ डाक्टरों और छह कर्मियों को नोटिस जारी किया है। चेतावनी भी दी गई कि यदि वह अपनी कार्य प्रणाली में सुधार नहीं लाते है तो उनका वेतन रोका जाएगा।
कार्यवाहक सीएमएस डा. संजय कंसल ने बताया कि ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। इस दौरान चिकित्सकों का ओपीडी में होना जरूरी है। इसके अलावा स्टाफ को भी ड्यूटी समय का विशेष ध्यान रखना होगा। यदि ड्यूटी समय पर वह नदारद पाए जाते हैं उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।