रुड़की। रुड़की से ढाई लाख नकली किताबें हल्द्वानी पहुंचने पर ही मामला पकड़ में आया। शिकायत पर शिक्षा मंत्री ने पहले विभागीय अधिकारियों के साथ मंथन किया। उसके बाद तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।
शिक्षा विभाग ने हल्द्वानी की एक फर्म को एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए अधिकृत किया है। इस फर्म मालिक को एक सप्ताह पहले पता चला कि रुड़की से एनसीईआरटी की ढाई लाख पुस्तकें हल्द्वानी आई हैं। फर्म मालिक ने किसी के माध्यम से यह शिकायत शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय तक पहुंचाई। इस पर शिक्षा मंत्री ने विभागी अधिकारियों से वार्ता की। सैंपल के तौर पर नकली किताबों की एक-दो कॉपी विभागीय अधिकारियों के हाथ भी लग गई। इसे देखने से साफ पता चल रहा है कि यह किताबें नकली हैं। इस पर शिक्षा मंत्री ने जिलाधिकारी दीपक रावत को कार्रवाई करने के आदेश दिए। जिलाधिकारी के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने रुड़की के आर्य पुस्तक भंडार पर छापेमारी की। देखने वाली बात यह भी है कि किताबें आर्य पुस्तक भंडार से ही भेजी गई हैं या फिर किसी अन्य पुस्तक विक्रेता के माध्यम से भेजी गई थी। इस बाबत विभागीय अधिकारी जांच कर रहे हैं।
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विभिन्न चैनलों के जरिए यह सूचना मिल रही थी कि रुड़की में एनसीईआरटी की नकली किताबें बेची जा रही हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम को कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।
अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार