लक्सर/खानपुर।
रेल बजट को लेकर लक्सर क्षेत्रवासी काफी उत्साहित है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस बार बजट से लक्सर को कुछ ना कुछ जरूर नया मिलेगा। जिससे लक्सर जंक्शन की हालत सुधरेगी। लक्सर प्लेटफार्म से गुजरने वाली अप और डाउन की छह यात्री रेलगाड़ियों का आज भी लक्सर रेलवे स्टेशन पर स्टॉपेज ही नहीं है। वहीं स्टेशन पर पूछताछ केंद्र भी नहीं है, जिससे यात्री रेलगाड़ियों की जानकारी के लेने के लिए इधर से उधर भटकते रहते हैं। वहीं रेलवे प्लेटफार्म परिसर में पानी के लगाई लिए लगाई गई टोंटियों पर गंदगी पसरी रहती है।
लोगों को उम्मीद है कि इस बार उत्तराखंड के रेलवे से प्रवेश द्वार कहे जानेवाले लक्सर जंक्शन को कुछ न कुछ नई सौगात जरूर मिलेगी, जिससे लक्सर रेलवे स्टेशन के दिन बहुरेंगे। क्षेत्रवासी सुभाष चंद्र ,राजेंद्रनाथ मेहंदीरत्ता, अंकित धीमान आदि का कहना है कि इस बार सरकार यहां से गुजरने वाली नॉन स्टॉप रेलगाड़ियों का स्टॉपेज देगी, जिससे क्षेत्रवासियों को इन रेलगाड़ियों का लाभ मिल पाएगा। वहीं स्थापना के बाद से आज तक रेलवे स्टेशन पर पूछताछ केंद्र नहीं है। जिससे यात्री रेलगाड़ियों की जानकारी के लिए इधर से उधर भटकते रहते हैं वहीं, लक्सर रेलवे स्टेशन परिसर में पीने के लिए लगाई गई टोंटियों के आसपास गंदगी पसर रही है, जिससे बीमारी के फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। रेलवे स्टेशन प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कम से कम स्टेशन प्रबंधन प्लेटफार्म परिसर में साफ सफाई की उचित व्यवस्था रखनी चाहिए।
स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी खड़े हो रहे सवाल
प्लेटफार्म पर तैनात वेंडरों से सुरक्षा के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो कुछ वेंडरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा के लिए तैनात की गई आरपीएफ के कर्मचारी महीने में एक दो बार ही रात में रेलवे स्टेशन परिसर मे गश्त करते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है।
इन गाड़ियों के नहीं है स्टॉपेज
लक्सर में हिमगिरी एक्सप्रेस, डिब्रुगढ़ एक्सप्रेस, अकालतख्त एक्सप्रेस के अलावा रुड़की रेलवे स्टेशन पर बरौनी एक्सप्रेस, दरभंगा, गरीब रथ, हिमगिरी एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं है।