रुड़की। सीबीआरआई रुड़की में उड़ीसा राज्य के अधिकारियों के लिए ग्रामीण आवास के लिए उन्नत टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि एवं पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी सविन बंसल ने कहा कि हमारा क्षेत्र भूकंप जोन चार में आता है और भूकंपरोधी भवनों के डिजाइन में सीबीआरआई महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। हमें आपदा स्थिति के पूर्वानुमान पर कार्य करना है जिससे आपदा की स्थिति में कम से कम हानि हो।
चार दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अलग-अलग सत्रों में ग्रामीण आवासों के लिए उन्नत तकनीक के साथ.साथ विभिन्न भवन घटकों जैसे उन्नत एवं कम लागत के डिजाइन, नींवों, दीवारों, सेनीटेशन छतों तथा अपशिष्ट जल निपटान, ऊर्जा दक्षता, प्रकाश व्यवस्था एवं गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के बारे में विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया । आने वाली प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण में निर्माण कार्यों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर विशेष फोकस रहा। इस मौके पर सीबीआरआई के निदेशक डॉ. एन गोपालकृष्णन ने बताया कि सीबीआरआई उड़ीसा में बीजू पक्का आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले चार लाख से भी अधिक मकानों के लिए अलग-अलग स्थानों पर डैम हाउस बनाने के लिए आर्किटेक्चरल डिजाइन एवं संरचना संबंधी तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रहा है तथा निर्माण कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षण दे रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और अपनी जिज्ञासाओं को प्रकट किया। जिसका फैकल्टी मेंबर ने समाधान किया। इस दौरान कार्यक्रम समन्वयक वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक सुरेंद्र कुमार नेगी डॉ. आर धर्मराजु, हेमंत कुमार जैन, बलदेव कृष्ण कालरा, मनोज त्यागी, सक्षम भारद्वाज, मनाली सिंह, विद्या, शुभम, अभिनव त्यागी, वैशाली एवं सुखबीर आदि उपस्थित रहे।