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चुनावी ड्यूटी में गई दस बसें, यात्री परेशान

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निर्वाचन आयोग ने रुड़की डिपो की अधिगृहीत की गई 20 बसों में से 10 को चुनाव ड्यूटी के लिए मंगवा लिया है। ये बसें अब सवारियों के लिए सड़कों पर नहीं उतरेंगी। ऐसे में बुधवार को यात्रियों को बसों की किल्लत का सामना करना पड़ा। वहीं आने वाले समय में यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ने वाली है। डिपो ने जो बसें चुनाव ड्यूटी में दी हैं वे सभी रुड़की-दिल्ली रूट पर चलने वाली थीं।
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रुड़की डिपो के पास अपनी यानी सरकारी बसें 28 हैं जबकि करीब 12 बसें अनुबंधित हैं। ये बसें देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, हल्द्वानी, पंजाब, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर तक दौड़ती हैं। इस बसों में से 20 निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में ड्यूटी के लिए अधिगृहीत कर ली थी। हालांकि अभी बसों की जरूरत नहीं थी तो ये बसें डिपो की ओर से ही चलाई जा रही थी। वहीं अब निर्वाचन आयोग ने बुधवार को चुनाव ड्यूटी के लिए 10 बसों को मंगवा लिया है। ये बसें अब रुड़की डिपो की ओर से नहीं चलाई जाएगी। वहीं अन्य शेष बची 10 बसों को भी चुनाव आयोग जरूरत पड़ने पर कभी भी मंगवा सकता है। डिपो ने जो बसें चुनावी ड्यूटी के लिए भेजी हैं वे सभी दिल्ली रूट पर दौड़ती थीं। ऐसे में दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बुधवार को परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा फिलहाल शादियों का सीजन होने के चलते यात्रियों की बस अड्डे पर भारी भीड़ चल रही है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हो रही है। वहीं मामले में एआरएम आलोक कुमार बनवाल का कहना है कि वर्तमान में डिपो में जितनी बसें हैं, उन्हीं से काम चलाना पड़ेगा।
यूपी की बसों की भी संख्या हुई कम
जब कभी उत्तराखंड निगम की बसों की हड़ताल होती है या अन्य कारणों से डिपो की बस नहीं चल पाती है तो यूपी परिवहन निगम की बसें बहुत राहत देती थीं। इस बार विधानसभा चुनाव यूपी में भी होने के चलते वहां के सभी डिपों की बसों को भी चुनाव में लगाया गया है। ऐसे में उन डिपो में भी बसों की कमी चल रही है। यही कारण है कि यूपी की रुड़की डिपो पर आने वाली अधिकतर सभी बसें फुल होकर आ रही हैं ऐसे में इस बार यूपी की बसें भी यात्रियों को कोई राहत नहीं दे पा रही हैं।
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