- भारत सरकार की अपर सचिव ने रायवाला नशा मुक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान दिखाई रुचि
रायवाला। नशे की लत से छुटकारा दिलाने और प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रमों में योग और प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अपर सचिव मोना कंधार ने बुधवार को रायवाला स्थित राजकीय नशा मुक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान यह बात कही।
निरीक्षण के दौरान मोना कंधार ने केंद्र में संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने उपचार प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों से बातचीत कर उनके अनुभव जाने। साथ ही एफआईएफ मॉड्यूल के प्रतिभागियों से संवाद कर नशे की लत से उबरने और सामान्य जीवन में लौटने के उनके प्रयासों को समझा। अपर सचिव ने नशा मुक्ति केंद्र के कर्मचारियों की ओर से किए जा रहे समर्पित कार्यों की सराहना की। उन्होंने नशा मुक्ति कार्यक्रमों में योग और प्राकृतिक चिकित्सा को शामिल करने की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया। कहा कि नशे की लत से उबरने की प्रक्रिया में दवाओं और परामर्श के साथ योग, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली की भी अहम भूमिका हो सकती है। मोना कंधार ने इस पहल को आगे बढ़ाने में रुचि दिखाते हुए कहा कि वह इस विषय पर आयुष मंत्रालय से संपर्क कर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रमों में योग और प्राकृतिक चिकित्सा को व्यवस्थित रूप से शामिल करने की दिशा में प्रयास करेंगी। इसके तहत एक ऐसा मॉडल कार्यक्रम विकसित करने की योजना है, जिसे देश के अन्य नशा मुक्ति केंद्रों में भी अपनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राजकीय नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे नशे से मुक्त होकर स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।