होशियारी माता मंदिर परिसर में महिलाओं द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण लीला का भव्य मंचन क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि पूरी लीला का संचालन और अभिनय केवल महिलाएं कर रही हैं। यह अनूठा प्रयास दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
लीला के मंचन की शुरुआत भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार से हुई। इसमें हिरण्यकश्यप वध, भक्त प्रह्लाद और ध्रुव चरित्र जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। इसके बाद श्रीकृष्ण जन्म, पूतना वध और माखन चोरी के दृश्य प्रस्तुत किए गए। कालिया नाग दमन और गोवर्धन लीला का भी मनमोहक प्रदर्शन हुआ। कलाकारों ने इंद्र का घमंड तोड़ने और रासलीला जैसे दृश्य भी दिखाए। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष गणेश सिंह रावत उपस्थित रहे। प्रतीतनगर के ग्राम प्रधान राजेश जुगलान और रायवाला के ग्राम प्रधान सागर गिरी भी मौजूद थे।
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मंचन में महिलाओं की भागीदारी
इस लीला में पांच वर्ष की बालिकाओं से लेकर 70 वर्ष तक की महिलाएं अभिनय कर रही हैं। यह विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है। सरस्वती अधिकारी, दुर्गा और मंजू देवी जैसी अनेक महिलाएं इसमें सक्रिय योगदान दे रही हैं। मंजू पाठक, अलका क्षेत्री, दीपा चमोली और उमा जोशी भी विभिन्न भूमिकाएं निभा रही हैं। रोशनी, इकला, राधिका, प्रियंका सुबेदी, कमलेश भंडारी, सुषमा, लक्ष्मी डंगवाल, शोभा बडोला और माया डबराल भी शामिल हैं।
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कंस वध के साथ लीला का समापन आज
यह भव्य लीला 29 अप्रैल को कंस वध के साथ समाप्त होगी। इसी दिन सुदामा-कृष्ण मिलन का मार्मिक दृश्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। 30 अप्रैल को इस आयोजन का समापन प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का संचार कर रहा है।