गंगा स्वच्छता के लिए वर्ल्ड बैंक से प्रस्तावित हुए प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने सोमवार को वर्ल्ड बैंक की एक टीम तीर्थनगरी पहुंची। इस दौरान टीम ने लक्कड़घाट स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य जगहों पर चल रहे नमामि गंगे के कार्यों का जायजा लिया। साथ ही नगर पालिका मुनिकीरेती, जल संस्थान, पेयजल, सीवर और पर्यावरण विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर नमामि गंगे के कार्यों की समीक्षा की।
सोमवार को नगर पालिका के सभागार में वर्ल्ड बैंक की टीम के लीडर जेवियर चावोट डे ब्यूचेने, को-टास्क टीम लीडर वर्ल्ड बैंक उपनीत सिंह सहित वेस्ट वॉटर एक्सपर्ट (वर्ल्ड बैंक) ने पालिका के कूड़ा निस्तारण व टैक्स, जल संस्थान की सीवर व्यवस्था और पानी की व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने लक्कड़घाट स्थित निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। बैठक में नगर पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, चीफ इंजीनियर पेयजल निगम वीसी पुरोहित, नमामि गंगे के प्रोजेक्ट इंजीनियर संदीप कश्यप, जल निगम के सचिन कुमार, जल संस्थान सीवर से हरीश बंसल, जल निगम के एई सुनील कुमार, आरके सिंह, एके चतुर्वेदी, रविंद्र सिंह, पर्यावरण स्पेशलिस्ट अक्षय कुमार, लोक निर्माण विभाग के जेई रूपेश भट्ट, सफाई निरीक्षक भूपेंद्र पंवार, पालिका कर्मचारी दीपक कुमार उपस्थित रहे।
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चार हजार घरों से निकलता है 10 मीट्रिक टन कूड़ा
बैठक में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि वर्तमान में पालिका क्षेत्र में प्रति कमरे का 120 रुपये भवन कर लिया जाता है। इसमें कॉमर्शियल टैक्स प्रॉपर्टी की कीमत पर पांच से 10 प्रतिशत तक कर वसूला जाता है। कूड़ा निस्तारण को लेकर ईओ बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि पालिका क्षेत्र में सात हजार घरों से प्रतिदिन करीब 10 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसमें से करीब 45 प्रतिशत कूड़ा हरिद्वार भेजा जाता है।
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पानी की अपेक्षा सीवर शुल्क बेहद कम
बैठक में जल संस्थान सीवर विंग के सहायक अभियंता हरीश बंसल ने बताया कि ग्राहकों से पानी की अपेक्षा सीवर का शुल्क बहुत कम लिया जाता है। कॉमर्शियल कनेक्शनों में 51 रुपये प्रति टॉयलेट की दर से कर वसूले जाते हैं। नगर पालिका मुनिकीरेती के अंतर्गत यहां 1077 सीवर कनेक्शन उपलब्ध हैं।
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पुराने एक्ट से संचालित हो रही नगर पालिका मुनिकीरेती
वर्ल्ड बैंक की टीम ने पालिका क्षेत्र में पानी और विद्युत की समस्या के बारे में पूछा, जिस पर नगर पालिका के ईओ बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि वर्तमान में पालिका वर्ष 1916 के यूपी म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार संचालित हो रही है। इस कारण यहां अन्य कर्मचारियों की तैनाती नहीं हो पाती है।