उपजिलाधिकरी के आदेश के बावजूद चंद्रभागा किनारे रहने वाले बेघरों लोगों के लिए स्वास्थ्य कैंप नहीं लगाया गया। गौरतलब है कि यहां रहने वाली एक पांच वर्षीय बच्ची एम्स अस्पताल की आईसीयू में भर्ती है।यहां के हालात देखते हुए बीते रविवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रशासन को यहां शीघ्र ही चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा था।
चंद्रभागा किनारे रहने वाले एक युवक सुमन राम ने बताया कि यहां से झुग्गी झोपड़ियों को हटाने के दौरान एंबुलेंस आई थी। इसके बाद से यहां किसी स्वास्थ्य सेवा के दर्शन नहीं हुए हैं। यहां आसपास अन्य लोग भी बीमार खुले मेें ही बीमार पड़े हुए हैैं, मगर सुध लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से यहां के लोगों के लिए खाने का इंतजाम तो किया गया है, मगर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कुछ नहीं है। इस पर सरकारी अस्पताल की डॉ. निधि राणा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन के निर्देश पर वह सुबह एंबुलेस सेवा के साथ बस स्टैंड पहुंची थी। मगर वहां चंद्रभागा के बेघर हुए लोगों में कोई नजर नहीं आया। इसके बाद उन्होंने चंद्रभागा का भी जायजा लिया। इस दौरान वहां भी कोई नजर नहीं आया। पूरे मामले में सोचनीय बात यह है इतने बेघर हुए परिवारों में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और अधिकांश बच्चे शामिल हैं। एंबुलेंस को चंद्रभागा किनारे इतने लोगों मेें कोई नजर नहीं आया या फिर केवल खानापूर्ति कर वापस चल दिए।