तमाम तकनीकी विभागों के अभियंताओं की लंबित मांगों को लेकर सप्ताहभर से चल रही हड़ताल और तालाबंदी से अर्द्धकुंभ मेला कार्य ठप हो गए हैं। विभिन्न विभागों के इंजीनियरों के कार्य बहिष्कार के चलते अर्द्धकुंभ में स्वीकृत बड़े बजट की कोई भी योजना अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई है।
इसकी बानगीभर है बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कोयलघाटी तिराहा से एम्स संस्थान तक निर्माणाधीन सड़क, जिसका चौड़ीकरण का कार्य करीब दो महीने पहले शुरू किया गया था, मगर इस पर अभी तक महज 30 फीसदी कार्य ही हो पाया है। हड़ताल के कारण मार्ग के निर्माण पर ब्रेक लग गया।
जबकि मेला बजट से बन रहे 2.5 किमी मार्ग की डेडलाइन 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। ऐसे में मेला मद में बन रहे मार्ग का इस्तेमाल कुंभ मेले में नहीं हो पाएगा। इसी तरह तीर्थनगरी में विभिन्न विभागों के मेले की दृष्टि से कई अन्य कार्य बाधित हो रहे हैं।
अर्द्धकुंभ में कोयलघाटी तिराहा से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स तक मार्ग के विस्तारीकरण और निर्माण को मंजूरी मिली है। कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी ने दो महीने पहले इसका कार्य शुुरू किया। मार्ग के दोनों ओर कटिंग कर पत्थर बिछाने का कार्य प्रगति पर था। इसी बीच बीते एक दिसंबर से 18 सूत्री मार्गों पर डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल से निर्माण कार्य पर ब्रेक लग गया।
सहायक अभियंता पीडब्लूडी अविनाश भारद्वाज की मानें तो करीब ढाई किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। लेकिन हड़ताल के चलते निर्धारित समयावधि में सड़क का चौड़ीकरण, दोनों ओर नालियों का निर्माण कार्य पूरा हो पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक मार्ग पर लगभग 30 प्रतिशत कार्य हुआ है।
अर्द्धकुंभ के इन कार्यों पर लगा विराम
ऋषिकेश से भानियावाला तक करीब 18 किमी फोरलेन निर्माण कार्य।
नरेंद्रनगर से नीर तक 18 किमी ब्रांच रोड का कार्य।
अडानी से ओडाडा तक 11 किमी ब्रांच रोड का कार्य।
त्रिवेणीघाट पर प्लेटफार्म विस्तारीकरण का कार्य।
रेलवे रोड से तहसील तिराहा तक सड़क का अधूरा कार्य।
(उक्त सभी कार्य पीडब्लूडी, पीएमजीएसवाई और सिंचाई विभाग के हैं।)
ठेके के भरोसे कार्यों पर गुणवत्ता होगी प्रभावित
हड़ताली इंजीनियरों की मानें तो अधीक्षण अभियंता के स्तर से अभियंताओं की गैरमौजूदगी में ठेकेदार से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। पीडब्लूडी नरेंद्रनगर पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता उदय बुटोला का कहना है कि निर्माण कार्यों की इंजीनियर द्वारा साइट पर मानीटरिंग जरूरी है। हड़ताल के कारण साइट पर कार्य ठेकेदारों के भरोसे कराए जा रहे हैं जिससे मेला कार्य निम्न गुणवत्ता के होने के आसार बढ़ गए हैं।