स्टार प्लस के चर्चित धारावाहिक ‘सिया के राम’ में जनक की भूमिका निभा रहे विजय आनंद इन दिनों तीर्थनगरी की वादियों का लुत्फ उठा रहे हैं। करीब 17 साल बाद फिल्म जगत में कमबैक कर रहे जाने माने कलाकार विजय आनंद ने अपने फिल्मी जीवन से जुड़ी यादें अमर उजाला से साझा की।
वह अब फिल्म क्षेत्र के बजाय योग के क्षेत्र में नाम कमाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने पहले स्वयं योग विधाओं की तालीम ली और कई देशों में साधकों को यौगिक क्रियाओं में निपुण करने में जुटे हैं। शुक्रवार को स्वर्गाश्रम स्थित होटल निर्वाणा में अपने एक मित्र के यहां ठहरे विजय आनंद ने बताया कि वह अब फिल्म जगत से हटकर योग जीवन में ही अपनी जिंदगी को लगाना चाहते हैं।
उन्होंने अपना बाकी का जीवन योग के लिए समर्पित कर दिया है। वह योग के माध्यम से देश-विदेश में ख्याति प्रापत करना चाहते हैं। उनका इरादा विभिन्न स्थानों पर योग केंद्र खोलना है। कुंडलिनी योगा के मास्टर के तौर पर मशहूर विजय आनंद मैक्सिको, लंदन, जमिका, कनाडा जैसे कई देशों में योग साधकों को इसकी तालीम दे चुके हैं।
यश, प्यार तो होना ही था जैसी कई चर्चित फिल्मों में अभिनय कर चुके आनंद ने बताया कि स्टार प्लस में ‘सिया के राम’ धारावाहिक की शूटिंग हैदराबाद में चल रही है। शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल से कुछ पल निकालकर वह तीर्थनगरी स्वर्गाश्रम घूमने आए हैं। शनिवार को वह हैदराबाद के लिए रवाना होंगे।
बताया कि 17 साल बाद फिल्मी दुनिया में लौटे तो सिया के राम में जनक का किरदार मिला तो वह मना नहीं कर सके। स्क्रीप्ट सुनी तो दिल खुश हो गया, लगा मानो यह किरदार मेरे लिए ही बना है।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में करेंगे प्रतिभाग
मार्च 2016 में परमार्थ निकेतन में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में विजय आनंद भी प्रतिभाग करेंगे। कुंडलिनी योगाचार्य आनंद ने बताया कि वह महोत्सव में योग साधकों को शामिल करेंगे।
मन करता है तीर्थनगरी में बस जाऊं
अभिनेता विजय को तीर्थनगरी की खूबसूरत वादियां ऐसे लुभाती हैं कि वह तीर्थनगरी की यादें नहीं भूल पाते। कई दफा स्वर्गाश्रम आ चुके आनंद ने बताया कि जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर उत्तराखंड की भूमि में कदम रखते ही अपनेपन का एहसास होने लगता है। मन करता है कि मुंबई से सबकुछ छोड़कर तीर्थनगरी में बस जाऊं।