अपर सिविल जज अभिषेक कुमार मिश्र की अदालत ने चेक बाउंस की महिला आरोपी को दोष सिद्ध करार दिया है। दोषी को तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 4. 55 लाख का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसमें से 5 हजार की धनराशि जुर्माने के तौर पर राजकोष में जमा करनी होगी। वहीं इसी मामले में अन्य दूसरे आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया है।
बापूग्राम निवासी प्रमोद कुमार ने 18 मई 2018 को न्यायालय में वाद दायर किया था। प्रमोद ने न्यायालय को बताया था कि बनखंडी निवासी नवल शर्मा और उसकी पत्नी सुरुचि शर्मा से उनकी पुरानी जान पहचान थी। मई 2017 में नवल शर्मा और सुरुचि शर्मा उसके घर आए और कारोबार के लिए 4 लाख रुपये उधार मांगे। दोनों आरोपियों ने मार्च 2018 तक उक्त धनराशि वापस लौटाने का आश्वासन दिया था। साथ निर्धारित तिथि का 4 लाखा का चेक भी दिया था।
प्रमोद कुमार ने बताया कि निर्धारित तिथि समाप्त होने पर जब उसने चेक बैंक में जमा कराया तो बैंक ने अपर्याप्त धनराशि की बात कह कर चेक वापस लौटा दिया। इसकी जानकारी नवल और उसकी पत्नी सुरुचि को दी गई। बावजूद इसके उन्होंने धनराशि नहीं लौटाई।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद बीते 25 मार्च को अपर सिविल जज अभिषेक कुमार मिश्र की अदालत ने फैसला सुनाया। आरोपी सुरुचि शर्मा को दोष सिद्ध करार देते हुए 3 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। दोषी पर 4 लाख 55 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया। जिसमें से 4 लाख 50 हजार परिवादी को प्रतिकर के रूप में देय होंगे। जबकि पांच हजार की राशि जुर्माने के तौर पर राजकोष में जमा करनी होगी। 5 हजार का जुर्माना न भरने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं दूसरे आरोपी नवल शर्मा को दोषमुक्त करार दिया गया।