बुंदेलखंड में कम हो रही हाथियों की संख्या
वन सीमाओं से सटे गांवों में जंगली हाथियों को उत्पात शुक्रवार को जारी रहा। देर रात भी हंसूवाला गांव में घुस आए हाथी के एक जोड़े ने खेतों में तैयार फसलें रौंद डाली। वनों से एकदम सटे ग्रामीण इलाकों में इन दिनों जंगली हाथियों की आमद बढ़ने लगी है।
लच्छीवाला वन सीमा से सटे हंसूवाला गांव में देर रात हाथी का एक जोड़ा आबादी में घुस आया। हाथियों ने हबीब अहमद, शरीफ अहमद, सलील और खुर्शीद अहमद की कई बीघा गन्ने की फसल क्षतिग्रस्त कर डाली। इसके बाद गेहूं और तोरिया आदि फसलें भी तहस-नहस कर दीं।
हाथी सुबह तड़के जंगल की ओर भाग गए। मारखम ग्रांट ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह बाउ ने कहा कि जंगली हाथियों के आबादी में आने के बाबत जिलाधिकारी देहरादून को अवगत कराया गया है। उन्होंने पीड़ित किसानों को शीघ्र मुुआवजा देने की मांग की है।
इसके अलावा वन सीमाओं पर ऊर्जा बाढ़ लगाने की मांग की है। लच्छीवाला रेंजर घनानंद उनियाल ने बताया कि जिन क्षेत्रों में हाथियों की अधिक आमद हो रही है वहां दो गश्ती दल सक्रिय कर दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से हाथी के आने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।