तीर्थनगरी में हुई बारिश से बचते पर्यटक।
- फोटो : amar ujala
तीन माह से बारिश न होने से किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए थे। क्रिसमस पर इंद्रदेव भी मेहरबान हो गए। बारिश होने के बाद जहां किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ गई वहीं तीर्थ नगरी क्षेत्र का माहौल भी खुशनुमा हो गया। हालांकि हल्की बौछारों के बाद ठिठुरन बढ़ गई, और लोग गर्म कपड़ों में पैक नजर आए।
तीर्थ नगरी के लिए रविवार का काफी सुहावना रहा। सुबह से दोपहर तक बादल छाए रहे। दोपहर बाद पड़ने लगीं। बौछारों के बीच सर्द हवाओं से तापमान में गिरावट आई तो ठिठुरन के चलते लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
तीर्थ नगरी में सुबह दस बजे तापमान 21 डिग्री सेल्सियस था जो शाम पांच बजे दो डिग्री घट गया। हालांकि किसान बारिश और ठंड को खेती के लिए मुफीद बता रहे हैं। किसान वीर सिंह गुसाईं का कहना है कि यह बारिश गेहूं की पैदावार बढ़ाने और अन्य फसलों के लिए उपयोगी है।