विकासखंड के नीलकंठ क्षेत्र में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से मंदिर के आसपास दुकानों, पुलिस चौकी नीलकंठ, होटलों, आश्रमों और धर्मशालाओं में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से स्थानीय लोगों के साथ ही श्रद्धालु और पर्यटक पानी की बोतल खरीद कर प्यास बुझा रहे हैं।
पेयजल लाइन में जुलाई माह से दिक्कत बनी हुई है। बीते दो माह से पेयजल लाइन टूटी हुई है। ग्रामीणों ने जैसे तैसे पाइप लाइन को जोड़ा है, लेकिन पाइप सही से न जुड़ने के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पानी नहीं होने से श्रद्धालु होटल और ढाबों से पानी की बोतलें खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं।
नीलकंठ क्षेत्र में वर्षभर हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। पेयजल किल्लत होने के कारण स्थानीय दुकानदार और होटल संचालक वैकल्पिक व्यवस्था कर दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं। स्थानीय धनवीर सिंह, कुलदीप सिंह, मनोज सिंह, राजकुमारी देवी, चंद्रभूषण शर्मा, राधे बाबा ने बताया कि पेयजल लाइन बहुत पुरानी हो गई है, जिससे पाइपों में जंक लग गया है। पाइप बदलने की आवश्यकता है, लेकिन जल संस्थान कोटद्वार नीलकंठ क्षेत्र की उपेक्षा कर रहा है। शिकायत के बावजूद भी जल संस्थान लाइन को सही नहीं कर रहा है।
-
कोट
नीलकंठ मंदिर के समीप क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत करवाया जाएगा। पेयजल आपूर्ति सुचारू की जाएगी। - देवकी नंदन जोशी, एसडीओ जलसंस्थान कोटद्वार