कुड़कावाला और दूधली क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही से शहर की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे हजारों लीटर पानी बेकार बह रहा है। इसके साथ ही दूषित जल की आपूर्ति हो रही है।
इन दिनों कुड़कावाला सुसवा नदी और दूधली क्षेत्र में खनन सामग्री से भरे वाहन चलते हैं। सड़कों पर इनकी अधिकता से यातायात भी प्रभावित होता है। डोईवाला प्रेमनगर बाजार से कुड़कावाला तक 40 साल पुरानी सीमेंटेड पेयजल लाइनें हैं। ये पुरानी लाइनें सड़कों पर थोड़ा सा दबाव भी नहीं झेल पा रही हैं।
भारी वाहनों के कारण कई स्थानों पर लाइनों में रिसाव हो रहा है। इससे टूट-फूट की समस्या बढ़ गई है। नतीजतन, घरों में गंदा और दूषित पानी आ रहा है। लोकहितकारी परिषद ने जल संस्थान से इस समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने गर्मियों में हो रही पानी की बर्बादी रोकने पर जोर दिया।
लोकहितकारी परिषद के राजेश जायसवाल, बंटी वर्मा और विशाल जिंदल ने जल संस्थान से शिकायत की है। उन्होंने गर्मियों में पानी की बर्बादी रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता विनोद असवाल ने बताया कि पुरानी लाइनें दबाव के कारण क्षतिग्रस्त हो रही हैं। असवाल ने जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।