यमकेश्वर। बडोली बड़ी में महिला पर गुलदार के हमले के बाद दहशत के बीच ग्रामीण रोजमर्रा के काम करते रहे। वहीं गांव में पहुंची वन विभाग की टीम का महिलाओं ने घेराव कर पिंजरा लगाने, गुलदार से स्थायी निजात दिलाने और पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी कर वन विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया।
घटना के बाद सोमवार रात को ही बडोली बड़ी गांव में वन विभाग की टीम में वन दरोगा दाताराम और वन आरक्षी पंकज कुमार पहुंचे। मंगलवार सुबह टीम ने स्कूल के आसपास फायरिंग कर गश्त की। जैसे ही गांव की महिलाओं को गांव में वन विभाग की टीम के पहुंचने की सूचना मिली तो उन्होंने सुबह 8 बजे वन विभाग की टीम का घेराव कर नारेबाजी की। टीम का विरोध किया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह नेगी, कांडा प्रधान मोहन सिंह और प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि वन विभाग सिर्फ गश्त और फायरिंग कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह नेगी ने स्वयं स्कूल के आसपास झाड़ी कटान शुरू किया। उन्होंने एसडीएम यमकेश्वर को पत्र लिखकर कुछ दिन के लिए स्कूल बंद करने और पिंजरा लगाने की मांग की है। प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी में 35 बच्चे पढ़ते हैं। वहीं वन विभाग की टीम ने घायल अनिता देवी (45) के मुआवजे के कागजात तैयार किए। महिला को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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बडोली बड़ी में गश्त बढ़ाई जाएगी, कैमरा ट्रैप लगाए जाएंगे और पिंजरा लगाने की कार्रवाई गतिमान है। अनुमति मिलते ही गांव में पिंजरा लगा दिया जाएगा। - गौरव वर्मा, डीएफओ, लैंसडौन