ऋषिकेश। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय, मुनिकीरेती और यमकेश्वर ब्लॉक में अभी भी लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग रही है। यहां रोजाना 45 से 50 लोगों को कोरोना की पहली वैक्सीन लगाई जा रही है। अभी भी कई लोग हैं जो वैक्सीन से वंचित हैं, लेकिन वेरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक से संक्रमण एक बार फिर हमलावर हो गया है। ऐसे में कोरोनारोधी टीका ही नए वेरिएंट से लोगों को बचाएगा।
कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन तेजी के साथ फैल रहा है। इससे संक्रमण के बेकाबू होने का खतरा बढ़ रहा है। वैक्सीनेशन के कारण कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ी थी, लेकिन तीर्थनगरी में अभी भी कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें कोरोना की पहली डोज भी नहीं लग पाई है। एसपीएस सरकारी अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. अंकित सिंह ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 45 से 50 लोगों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा रही है। यमकेश्वर ब्लॉक के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि यमकेश्वर ब्लॉक में 18 प्लस आयु वर्ग के दो से तीन लोगों को कोरोना की पहली डोज लगाई जा रही है। ये वे छूटे लोग हैं, जो कोरोना संक्रमित हुए थे। फकोट ब्लॉक के स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कि उनके आंकडे़ के हिसाब से 41 हजार लोगों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है। अब वैक्सीनेशन सेंटरों में सिर्फ वे लोग आ रहे हैं, जो इधर-उधर के रहने वाले हैं।
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वर्जन
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। जिन लोगों को कोरोना की दोनों डोज लग गई हैं, वे भी एहतियात बरतें। कोविड नियमों का पूरी तरह से पालन करें। जल्द से जल्द वैक्सीन लगाएं।
-डा. विजयेश भारद्वाज, सीएमएस, एसपीएस राजकीय अस्पताल